Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَذْهَبَ: दूर कर दिया, हटा दिया।
- الْحَزَنَ: हर प्रकार का दुःख, चिंता और भय।
- لَغَفُورٌ: बहुत क्षमा करने वाला।
- شَكُورٌ: अच्छे कर्मों को स्वीकार करने वाला और उनका अच्छा बदला देने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब अल्लाह के नेक बंदे जन्नत में दाखिल होंगे और उसकी अनगिनत नेमतों को अपनी आँखों से देखेंगे, तो उनके दिल शुक्र और खुशी से भर जाएँगे। उस वक़्त उनकी ज़बान से यही निकलेगा: "तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं जिसने हमसे हर दुःख और ग़म को दूर कर दिया।" यानी जो डर उन्हें जहन्नम के अज़ाब का था, जो चिंता उन्हें अपने गुनाहों की थी, जो परेशानी इस दुनिया में उन्हें झेलनी पड़ी थी—वह सब कुछ अब ख़त्म हो गया। अल्लाह ने उनके दिलों से हर उस चीज़ का सदमा हटा दिया जो उन्हें उदास कर सकती थी।
फिर वे कहेंगे: "बेशक हमारा रब बहुत क्षमा करने वाला और कद्रदान है।" वह ग़फ़ूर है—हमारी ग़लतियों और कमियों को माफ़ करने वाला; और वह शकूर है—हमारी छोटी-छोटी नेकियों को कबूल करके उन्हें कई गुना बढ़ाकर इनाम देने वाला। यही वजह है कि उसने हमें अपने फज़ल से जन्नत के इस हमेशा रहने वाले घर में उतारा, जहाँ न कोई थकान होगी, न कोई मेहनत, न कोई दर्द।
यह वही लोग हैं जिन्हें अल्लाह ने अपनी किताब (क़ुरआन) का वारिस बनाया, उन्हें सुनहरे कंगन और मोतियों से सजाया जाएगा, और उनका लिबास रेशम का होगा। यह सब उनके सब्र, ईमान और अच्छे आमाल का नतीजा है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि जन्नत की असली खुशी सिर्फ़ खाने-पीने और आराम में नहीं है, बल्कि सबसे बड़ी खुशी यह है कि अल्लाह हमारे दिलों से हर ग़म मिटा देगा। इस दुनिया में हर इंसान किसी न किसी दुःख से जूझ रहा है—कोई बीमारी से, कोई ग़रीबी से, कोई अकेलेपन से। लेकिन अल्लाह का वादा है कि जो लोग उस पर ईमान लाएँगे और नेक काम करेंगे, उनके लिए एक ऐसा दिन आएगा जब हर दर्द हमेशा के लिए ख़त्म हो जाएगा।
तो आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की राह में लगाएँ, उसकी इबादत करें, उसके बताए रास्ते पर चलें, और उससे यह दुआ माँगें कि हमें भी उन लोगों में शामिल करे जो जन्नत में यह कलमा पढ़ेंगे: "अल्हम्दुलिल्लाहिल्लज़ी अज़्हबा अन्नल हज़न।" यही सबसे बड़ी कामयाबी है—ऐसी कामयाबी जिसके बाद कोई ग़म नहीं, कोई डर नहीं, सिर्फ़ सुकून और खुशी।
📜 आयत 32-36 — सूरा फातिर
अनुवाद — फातिर 34
सूरा फातिर आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये लोग (खुशी के लहजे में) कहेंगे खुदा का…सूरा आयत 34/45 — सूरा फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फातिर सुनें, सूरा फातिर अनुवाद, सूरा फातिर mp3, सूरा फातिर pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


