अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَإِنْ كُلٌّ لَمَّا جَمِيعٌ: "और निस्संदेह हर एक (समुदाय) — सब के सब" — यहाँ "لَمَّا" का अर्थ "إِلَّا" (सिवाय) के रूप में है, अर्थात हर एक बिना किसी अपवाद के।
- لَدَيْنَا: हमारे पास (अल्लाह के दरबार में)।
- مُحْضَرُونَ: उपस्थित किए जाने वाले, हाज़िर किए जाने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला हमें यह बताते हैं कि जितनी भी उम्मतें (समुदाय) इस दुनिया में गुज़र चुकी हैं — चाहे वे पैग़म्बरों की उम्मतें हों या उनके विरोधी, चाहे वे ईमान वाले हों या काफ़िर — उनमें से कोई भी इस दुनिया से जाकर मिट नहीं गया, बल्कि सभी को क़यामत के दिन हमारे (अल्लाह के) दरबार में हाज़िर किया जाएगा। यह एक ऐसा समागम होगा जिसमें पहले और आख़िरी, छोटे और बड़े, सभी को इकट्ठा किया जाएगा। वहाँ कोई छिप नहीं सकेगा, कोई भाग नहीं सकेगा, और न ही कोई बहाना बना सकेगा। हर व्यक्ति अपने कर्मों के साथ उपस्थित होगा, और अल्लाह तआला उन सबका हिसाब लेंगे और उन्हें उनके अच्छे या बुरे कर्मों का पूरा-पूरा बदला देंगे।
यह आयत हमें यह याद दिलाती है कि यह दुनिया कोई अंतिम पड़ाव नहीं है। जो लोग यह सोचते हैं कि मरने के बाद कुछ नहीं, वे बड़ी भूल में हैं। क़यामत का दिन अवश्य आएगा, और उस दिन हर इंसान, हर उम्मत, हर ज़माने के लोग — सब अल्लाह के सामने खड़े होंगे। यह अल्लाह का न्याय है कि वह किसी को भी बिना हिसाब के नहीं छोड़ेगा।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमारे दिलों में अल्लाह का ख़ौफ़ पैदा करती है, लेकिन साथ ही यह हमें एक बड़ी ख़ुशख़बरी भी देती है — वह यह कि अल्लाह का न्याय पूर्ण है। अगर हमने इस दुनिया में भलाई की है, तो वह हमें उसका पूरा इनाम देगा; और अगर हमने बुराई की है, तो हमें उसका सामना करना होगा। यह हमारे लिए एक अवसर है कि हम आज अपने जीवन को सुधारें, अल्लाह की इबादत करें, और उसके रास्ते पर चलें। क़यामत का दिन जितना डरावना है, उतना ही रहमत का दिन भी है — उन लोगों के लिए जो ईमान और अच्छे कर्मों के साथ आएंगे। अल्लाह हमें उन लोगों में शामिल करे जो उसके दरबार में सर झुकाकर, ईमान और नेकियों के साथ हाज़िर होंगे। आमीन।
📜 आयत 30-34 — यासीन
अनुवाद — यासीन 32
सूरा यासीन आयत 32 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (हाँ) अलबत्ता सब के सब इकट्ठा हो कर हमारी बारगाह…सूरा आयत 32/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 30–34. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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