अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِلَّا رَحْمَةً مِّنَّا: यह "إلا" यहाँ "استثناء منقطع" है, अर्थात हमारी ओर से दया के कारण।
- مَتَاعًا: लाभ उठाने का साधन, जीवन का आनंद।
- إِلَىٰ حِينٍ: एक निश्चित समय तक, यानी उनकी नियत अवधि (आयु) तक।
तफसीर:
अल्लाह तआला ने पिछली आयतों में उन लोगों का हाल बयान किया जो अल्लाह की निशानियों से मुँह मोड़ते हैं और उन्हें डराया कि यदि हम चाहें तो उन्हें डुबो दें और उनकी कोई मदद न कर सके। इस आयत में अल्लाह फरमाता है: "हाँ, यह सज़ा उन पर नहीं आती, बल्कि हमारी रहमत के कारण हम उन्हें मुहलत देते हैं और उन्हें एक निश्चित समय तक जीवन के साधनों से लाभ उठाने का मौका देते हैं।"
यानी अल्लाह की रहमत का तकाज़ा है कि वह अपने बंदों पर जल्दी अज़ाब नाज़िल न करे, बल्कि उन्हें तौबा और इस्तिग़फ़ार का मौका दे। वह उन्हें इसलिए ज़िंदा रखता है ताकि वे अपनी गलतियों से सबक सीखें, अपने किए पर पछतावा करें और अल्लाह की तरफ रुजू करें। यह मुहलत उनकी नियत आयु तक है, जिसे कोई नहीं टाल सकता। जब वह समय आ जाएगा, तो कोई उन्हें बचा नहीं सकेगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत उसके ग़ज़ब से पहले है। वह अपने बंदों से मुहब्बत करता है और चाहता है कि वे हिदायत पाएँ। इसलिए हमें चाहिए कि इस मुहलत को ग़नीमत समझें, अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत में गुज़ारें, और उसकी रहमत के तलबगार बनें। अल्लाह की रहमत से कभी मायूस न हों, क्योंकि उसकी रहमत असीम है और वह तौबा करने वालों को बहुत प्यार करता है। यह मुहलत हमारे लिए एक बड़ी नेमत है, जिसे हमें अल्लाह की इबादत और उसकी राह में भलाई के कामों से सजाना चाहिए।
📜 आयत 42-46 — यासीन
अनुवाद — यासीन 44
सूरा यासीन आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर हमारी मेहरबानी से और चूँकि एक (ख़ास) वक्त तक…सूरा आयत 44/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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