Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- صَيْحَةً – (एक) चीख, यहाँ इसका अर्थ है सूर (नरसिंगा) में फूँका जाने वाला दूसरा नफ़ख़ा (फूँक)।
- لَدَيْنَا – हमारे पास।
- مُحْضَرُونَ – उपस्थित किए गए, हाज़िर किए गए।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में क़यामत के दिन के मंज़र को बयान किया है कि लोगों का दोबारा उठाया जाना और उनका हमारे सामने हाज़िर होना कोई मुश्किल या लंबा काम नहीं है। यह सिर्फ़ एक ही चीख़ (सूर में दूसरी फूँक) का नतीजा होगा। जैसे ही इसराफ़ील अलैहिस्सलाम सूर में फूँक मारेंगे, बस उसी पल सभी लोग अपनी-अपनी क़ब्रों से निकलकर अल्लाह के सामने हाज़िर हो जाएँगे। यह इतना आसान और तेज़ होगा कि उसमें कोई देरी या रुकावट नहीं होगी। अल्लाह के लिए यह काम उतना ही आसान है जितना किसी को एक बार पुकारना। यह अल्लाह की क़ुदरत का बयान है कि वह सब कुछ करने पर पूरी तरह क़ादिर है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि मौत के बाद की ज़िंदगी बिल्कुल सच है और उसका आना निश्चित है। जिस तरह अल्लाह ने पहली बार हमें पैदा किया, उसी तरह वह हमें दोबारा ज़िंदा करेगा। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम इस दुनिया में ऐसे काम करें जो उस दिन हमारे काम आएँ। जो लोग अल्लाह पर ईमान रखते हैं और नेक अमल करते हैं, उनके लिए यह दिन रहमत और ख़ुशी का दिन होगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें, ताकि उस दिन हमारा हाज़िर होना शर्मिंदगी और डर का नहीं, बल्कि इज़्ज़त और सुकून का हो। यही असली कामयाबी है।
📜 आयत 51-55 — सूरा यासीन
अनुवाद — यासीन 53
सूरा यासीन आयत 53 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और पैग़म्बरों ने भी सच कहा था (क़यामत तो) बस…सूरा आयत 53/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 51–55. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


