Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رِزْقٌ مَّعْلُومٌ: वह निश्चित और विशिष्ट रोज़ी जो अल्लाह की ओर से बिना किसी कमी के मिलती है।
तफ़सीर:
ये आयत उन मुख़लिस (ख़ालिस नीयत वाले) बंदों के बारे में है, जिनका ज़िक्र पिछली आयात में हुआ। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उन्हीं के लिए एक मुक़र्रर और ख़ास रोज़ी है, जो उनके लिए जन्नत में हमेशा मौजूद रहेगी। ये रोज़ी कोई साधारण रोज़ी नहीं, बल्कि वो है जो अल्लाह की तरफ़ से उन्हें बिना किसी मेहनत और परेशानी के मिलेगी। ये रोज़ी अपनी पाकीज़गी, ख़ूबसूरती और दावाम (स्थायित्व) में बेमिसाल है। ये वही रोज़ी है जो उन्हें जन्नत में सुबह और शाम दी जाएगी, जैसा कि क़ुरआन में बयान किया गया है कि जन्नती सुबह-शाम अपनी पसंदीदा चीज़ें पाते रहेंगे।
ये आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को कभी निराश नहीं करता। जो लोग दुनिया में अपने ईमान और अमल को सच्चाई के साथ निभाते हैं, उनके लिए आख़िरत में वो कुछ और ही इंतज़ाम है जो आँखों से देखा नहीं जा सकता। ये रोज़ी का वादा सिर्फ़ जन्नत तक सीमित नहीं, बल्कि अल्लाह अपने नेक बंदों को दुनिया में भी ऐसी बरकत देता है जो उनके दिल को सुकून दे।
इस आयत से हमें ये सबक़ मिलता है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के लिए बनाएँ, अपने अमल को ख़ालिस करें, और यक़ीन रखें कि अल्लाह की दी हुई रोज़ी में बरकत और कमाल है। जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं, उनके लिए हर हाल में भलाई है। ये वादा हर उस मोमिन के लिए है जो अपने रब की इबादत को सच्चे दिल से करता है और अपने अमल को सिर्फ़ अल्लाह के लिए ख़ालिस रखता है।
अल्लाह तआला हमें भी उन मुख़लिस बंदों में शामिल करे जिनके लिए ये बेहतरीन रोज़ी मुक़र्रर की गई है। आमीन।
📜 आयत 39-43 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 41
सूरा अस-साफ्फात आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उनके वास्ते (बेहिश्त में) एक मुक़र्रर रोज़ी होगीसूरा आयत 41/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अस-साफ्फात
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


