अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَوَهَبْنَا لَهُ أَهْلَهُ – और हमने उसे उसका परिवार (पुनः) प्रदान किया।
- وَمِثْلَهُم مَّعَهُمْ – और उनके साथ उनके समान (और भी उतने ही)।
- رَحْمَةً مِّنَّا – अपनी ओर से दया (और कृपा) के रूप में।
- وَذِكْرَىٰ لِأُولِي الْأَلْبَابِ – और बुद्धिमान लोगों के लिए एक सीख (नसीहत) के तौर पर।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने नबी अय्यूब (अलैहिस्सलाम) की दुआ क़बूल की और उन पर से वह भारी मुसीबत हटा दी जो उनके शरीर और माल पर आई थी। फिर अल्लाह ने उन्हें उनका परिवार लौटा दिया — यानी उनकी पत्नी और बच्चे — और उनके साथ उतने ही और (बच्चे और नाती-पोते) भी अता फ़रमाए। यह सब अल्लाह की ओर से उन पर विशेष दया और करम था, उनके सब्र और धैर्य का इनाम था। अल्लाह ने यह इसलिए किया ताकि यह घटना अक्लमंद लोगों के लिए एक सबक़ और नसीहत बने कि सब्र का अंजाम हमेशा खैर और आसानी होता है, और मुसीबत के बाद राहत ज़रूर आती है।
यहाँ अल्लाह तआला हमें सिखाते हैं कि जब बंदा मुसीबत में सब्र करता है और अल्लाह से ही उम्मीद रखता है, तो अल्लाह उसे कभी निराश नहीं करता। अय्यूब (अलैहिस्सलाम) की यह दास्तान हमारे लिए रोशनी का ज़रिया है — चाहे हालात कितने भी खराब हों, अल्लाह की रहमत उस बंदे के साथ होती है जो सब्र करता है। यही वजह है कि अल्लाह ने इस घटना को "बुद्धिमानों के लिए याददिहानी" कहा, क्योंकि अक्लमंद वही है जो इससे सबक़ ले और अपने जीवन में सब्र और शुक्र को अपनाए।
यह प्यारा पैग़ाम हमें बताता है कि अल्लाह की रहमत उसके नेक बंदों के साथ हमेशा होती है, और मुसीबत के बाद की राहत उसकी ओर से एक तोहफ़ा है। हमें चाहिए कि हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखें, क्योंकि वही है जो दुख को सुख में बदलने की क़ुदरत रखता है। यह सीख हमारे दिलों को रोशन करती है और हमें अल्लाह की तरफ़ और करीब लाती है।
📜 आयत 41-45 — साद
अनुवाद — साद 43
सूरा साद आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने उनको और उनके लड़के वाले और उनके साथ…सूरा आयत 43/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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