साद · 67/88
अनुवाद उच्चारण — सूरा साद
قُلْ هُوَ نَبَأٌ عَظِيمٌ ۝٦٧
Qul huwa naba`un `azeem
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ये (क़यामत) एक बहुत बड़ा वाक़िया है

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • नबअ (नबा): समाचार, ख़बर
  • अज़ीम: महान, बहुत बड़ा, अत्यंत महत्वपूर्ण

तफ़सीर:

ऐ नबी! आप इन झुठलाने वालों से कह दीजिए कि यह क़ुरआन कोई साधारण बात नहीं, बल्कि एक महान समाचार है। यह ऐसी ख़बर है जिसकी अहमियत और अज़मत का अंदाज़ा लगाना मुश्किल है। यह वही किताब है जो इंसानों को अंधेरों से निकालकर रौशनी की तरफ लाती है, उन्हें ज़िंदगी का सही रास्ता दिखाती है और उनकी दुनिया और आख़िरत दोनों को संवारती है।

यह क़ुरआन अपने अंदर वह सारी हिदायत समेटे हुए है जो इंसान को कामयाबी की मंज़िल तक पहुँचाती है। इसकी तालीमात में इंसान की भलाई है, इसके हुक्मों में उसकी सलामती है और इसकी राह पर चलने वाला कभी बर्बाद नहीं हो सकता। यही वह आख़िरी और मुकम्मल किताब है जिसे अल्लाह ने अपने प्यारे नबी पर उतारा ताकि पूरी इंसानियत को राहत और नजात दी जा सके।

जो शख्स इस पर ईमान लाएगा और इस पर अमल करेगा, उसके लिए इसमें नजात है — दुनिया में इज़्ज़त और आख़िरत में जन्नत। और जो इसे झुठलाएगा और इससे मुँह मोड़ेगा, उसके लिए तबाही और हलाकत है। यह किताब उन लोगों के लिए रहमत है जो इसे क़बूल करें और उन लोगों के लिए हुज्जत है जो इसे नकारें।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह क़ुरआन आज भी वही महान समाचार है। यह हमारे लिए रहनुमा है, हमारी ज़िंदगी का नक्शा है। जो इसे थाम लेगा, वह कभी गुमराह नहीं होगा। आइए हम इस महान किताब को पढ़ें, समझें और इस पर अमल करें — ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों। यही हमारी सबसे बड़ी भलाई और सच्ची ख़ुशी है।



📜 आयत 65-69 — सूरा साद

65قُلْ إِنَّمَا أَنَا مُنذِرٌ ۖ وَمَا مِنْ إِلَٰهٍ إِلَّا اللَّهُ الْوَاحِدُ الْقَهَّارُ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं तो बस (अज़ाबे खुदा से) डराने वाला हूँ और यकता क़हार खुदा के सिवा कोई माबूद क़ाबिले परसतिश नहीं
66رَبُّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا الْعَزِيزُ الْغَفَّارُ
सारे आसमान और ज़मीन का और जो चीज़े उन दोनों के दरमियान हैं (सबका) परवरदिगार ग़ालिब बड़ा बख्शने वाला है
67قُلْ هُوَ نَبَأٌ عَظِيمٌ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ये (क़यामत) एक बहुत बड़ा वाक़िया है
68أَنتُمْ عَنْهُ مُعْرِضُونَ
जिससे तुम लोग (ख्वाहमाख्वाह) मुँह फेरते हो
69مَا كَانَ لِيَ مِنْ عِلْمٍ بِالْمَلَإِ الْأَعْلَىٰ إِذْ يَخْتَصِمُونَ
आलम बाला के रहने वाले (फरिश्ते) जब वाहम बहस करते थे उसकी मुझे भी ख़बर न थी
सादकुरान सूची
88आयत
मक्कीRevelation
67आयत

अनुवाद — साद 67

सूरा साद आयत 67 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि ये (क़यामत) एक बहुत…

सूरा आयत 67/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 65–69. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Monday, September 7, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए