अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُعْرِضُونَ: मुँह मोड़ने वाले, उपेक्षा करने वाले, ध्यान न देने वाले।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ से फ़रमा रहे हैं कि इन लोगों से कहो: यह क़ुरआन एक बहुत बड़ी ख़बर और अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश है, जिसमें तुम्हारी दुनिया और आख़िरत की भलाई छिपी है। यह कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि वह मार्गदर्शन है जो तुम्हें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है।
लेकिन अफ़सोस! तुम लोग इस महान संदेश से मुँह मोड़ रहे हो, इस पर ध्यान ही नहीं देते। तुम्हारी ग़फ़लत (लापरवाही) ने तुम्हें इस हद तक अंधा कर दिया है कि जब तुम्हारे सामने सच्चाई पेश की जाती है, तो तुम उसे सुनते तक नहीं, और न ही उस पर विचार करते हो।
यह आयत उन लोगों के लिए एक कड़ी फटकार है जो क़ुरआन की आयतों को सुनकर भी उनसे विमुख हो जाते हैं। क्या यह ख़बर इतनी बड़ी नहीं कि तुम इसे सुनो और समझो? क्या तुम्हें डर नहीं कि इस संदेश को ठुकराने का अंजाम क्या होगा?
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हम सबके लिए एक जागृति का संदेश है। क़ुरआन वह किताब है जिसे पढ़ने में ही इबादत है, समझने में हिदायत है, और उस पर अमल करने में कामयाबी है। आज हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में क़ुरआन को पढ़ने, समझने और उस पर अमल करने का अधिक से अधिक समय निकालें। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत की तरफ ले जाता है और यही वह नूर है जो हमारी क़ब्रों को रोशन करेगा।
अल्लाह हम सबको क़ुरआन से जुड़ने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 66-70 — साद
अनुवाद — साद 68
सूरा साद आयत 68 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिससे तुम लोग (ख्वाहमाख्वाह) मुँह फेरते होसूरा आयत 68/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 66–70. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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