साद · 70/88
अनुवाद उच्चारण — सूरा साद
إِن يُوحَىٰ إِلَيَّ إِلَّا أَنَّمَا أَنَا نَذِيرٌ مُّبِينٌ ۝٧٠
Iny-yoohaaa ilaiya illaaa annnamaaa ana nazeerum mubeen
📖 हिंदी अर्थ
मेरे पास तो बस वही की गयी है कि मैं (खुदा के अज़ाब से) साफ-साफ डराने वाला हूँ

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُوحَىٰ (वह्य की जाती है) — अल्लाह की ओर से भेजा गया संदेश।
  • نَذِيرٌ (डराने वाला) — वह जो अल्लाह के अज़ाब से सावधान करे।
  • مُبِينٌ (स्पष्ट) — वह जो अपनी बात को खुले और साफ़ तरीक़े से बयान करे।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को सिखा रहे हैं कि आप ﷺ लोगों से कहें: "मुझे जो कुछ भी वह्य (प्रकाशना) के रूप में मिलता है, वह केवल इसलिए है कि मैं तुम्हें अल्लाह के अज़ाब से डराने वाला और उसका स्पष्ट आदेश पहुँचाने वाला हूँ।" यानी नबी ﷺ के पास जो भी ज्ञान आता है, वह उनकी अपनी कमाई या सोच-विचार से नहीं, बल्कि अल्लाह की ओर से भेजा गया संदेश है। इसका उद्देश्य केवल यह है कि लोगों को सीधा रास्ता दिखाया जाए, उन्हें बुराई से रोका जाए और अल्लाह की रहमत की खुशखबरी दी जाए।

यह आयत हमें सिखाती है कि नबी ﷺ का काम केवल पहुँचाना है, और उनका हर शब्द अल्लाह की ओर से है। इसलिए हमें उनकी बात को दिल से क़बूल करना चाहिए, क्योंकि यही हमारी भलाई का ज़रिया है। अल्लाह ने अपने रसूल को स्पष्ट चेतावनी देने वाला बनाकर भेजा, ताकि कोई यह न कह सके कि हमें कोई डराने वाला नहीं मिला। यह अल्लाह की बड़ी मेहरबानी है कि उसने हमें अपना पैग़ाम भेजा और हमें सीधा रास्ता दिखाया।

दावत और नसीहत:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें याद दिलाती है कि हमारे नबी ﷺ की हर बात अल्लाह की तरफ से है। जो लोग उनकी बात मानते हैं, वे दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होते हैं। अल्लाह ने हमें कुरआन और सुन्नत के ज़रिए रौशनी दी है, इसलिए हमें इस नेमत का शुक्र अदा करना चाहिए और अपनी ज़िंदगी को इस रौशनी में ढालना चाहिए। याद रखिए, नबी ﷺ की दावत साफ़ और स्पष्ट थी, और आज हमारा फ़र्ज़ है कि इस दावत को दुनिया तक पहुँचाएँ, ताकि हर इंसान अल्लाह की रहमत का हक़ीक़ी मतलब समझ सके। अल्लाह हमें सच्चे दिल से अपने दीन पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 68-72 — सूरा साद

68أَنتُمْ عَنْهُ مُعْرِضُونَ
जिससे तुम लोग (ख्वाहमाख्वाह) मुँह फेरते हो
69مَا كَانَ لِيَ مِنْ عِلْمٍ بِالْمَلَإِ الْأَعْلَىٰ إِذْ يَخْتَصِمُونَ
आलम बाला के रहने वाले (फरिश्ते) जब वाहम बहस करते थे उसकी मुझे भी ख़बर न थी
70إِن يُوحَىٰ إِلَيَّ إِلَّا أَنَّمَا أَنَا نَذِيرٌ مُّبِينٌ
मेरे पास तो बस वही की गयी है कि मैं (खुदा के अज़ाब से) साफ-साफ डराने वाला हूँ
71إِذْ قَالَ رَبُّكَ لِلْمَلَائِكَةِ إِنِّي خَالِقٌ بَشَرًا مِّن طِينٍ
(वह बहस ये थी कि) जब तुम्हारे परवरदिगार ने फरिश्तों से कहा कि मैं गीली मिट्टी से एक आदमी बनाने वाला हूँ
72فَإِذَا سَوَّيْتُهُ وَنَفَخْتُ فِيهِ مِن رُّوحِي فَقَعُوا لَهُ سَاجِدِينَ
तो जब मैं उसको दुरूस्त कर लूँ और इसमें अपनी (पैदा) की हुई रूह फूँक दो तो तुम सब के सब उसके सामने सजदे में गिर पड़ना
सादकुरान सूची
88आयत
मक्कीअवतरण स्थान
70आयत

अनुवाद — साद 70

सूरा साद आयत 70 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मेरे पास तो बस वही की गयी है कि मैं…

सूरा आयत 70/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 68–72. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए