अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْمَلَإِ الْأَعْلَىٰ — ऊपरी दुनिया के फ़रिश्ते, जो आसमान में हैं।
- يَخْتَصِمُونَ — वे आपस में बहस कर रहे थे (हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की पैदाइश के बारे में)।
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप फ़रमा दीजिए कि मुझे उन ऊपरी दुनिया के फ़रिश्तों के आपसी विवाद का कोई इल्म नहीं था, जब वे हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की पैदाइश के मामले में बहस कर रहे थे। यह बात मुझे अपनी तरफ से नहीं मालूम हुई, बल्कि अल्लाह तआला ने अपने इल्म और वह़ी (प्रकाशना) के ज़रिए मुझे यह ख़बर दी। यानी यह क़ुरआन और यह जानकारी मेरी अपनी उपज नहीं, बल्कि अल्लाह की तरफ से भेजी गई है।
यह आयत नबी करीम ﷺ की सच्चाई की सबसे बड़ी गवाह है। आप ﷺ ने उस घटना का पूरा विवरण सुनाया जो आपकी पैदाइश से हज़ारों साल पहले आसमानों में हुई थी — जब अल्लाह ने फ़रिश्तों से हज़रत आदम को सजदा करने का हुक्म दिया, तो इबलीस ने घमंड की वजह से इनकार किया। यह वाक़िया किसी इंसान को किताब या रिवायत से मालूम नहीं हो सकता था, सिवाय उसके जिसे अल्लाह ने ख़ुद बताया हो। यही सबूत है कि मुहम्मद ﷺ सच्चे नबी हैं और उन पर जो क़ुरआन उतरा है वह अल्लाह का कलाम है।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है कि इल्म सिर्फ़ अल्लाह के पास है। जो बातें हमें नहीं बताई गईं, उनके बारे में बहस करना या अटकलें लगाना हमारा काम नहीं। हमें चाहिए कि जो अल्लाह ने बताया है उस पर ईमान लाएँ और जो नहीं बताया उसे उसी के हवाले कर दें। यही ईमान की पहचान है। और यह भी याद रखें कि अल्लाह का इल्म हर चीज़ पर छाया हुआ है — जो हुआ, जो हो रहा है और जो होगा, सब उसे मालूम है। हमें उसी पर भरोसा रखना चाहिए और उसी से हिदायत माँगनी चाहिए।
📜 आयत 67-71 — साद
अनुवाद — साद 69
सूरा साद आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : आलम बाला के रहने वाले (फरिश्ते) जब वाहम बहस करते…सूरा आयत 69/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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