Wallazeena aamanoo wa `amilus saalihaati sanud khiluhum Jannaatin tajree min tahtihal anhaaru khaalideena feehaaa abadaa; wa`dal laahi haqqaa; wa man asdaqu minal laahi qeelaa
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
और जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उन्हें हम अनक़रीब ही (बेहिश्त के) उन (हरे भरे) बाग़ों में जा पहुंचाएगें जिनके (दरख्तों के) नीचे नहरें जारी होंगी और ये लोग उसमें हमेशा आबादुल आबाद तक रहेंगे (ये उनसे) ख़ुदा का पक्का वायदा है और ख़ुदा से ज्यादा (अपनी) बात में सच्चा कौन होगा
🌐 Additional reference in اردو
🌐 اردو
اور جو لوگ ایمان لائے اور نیک کام کرتے رہے ان کو ہم بہشتوں میں داخل کریں گے جن کے نیچے نہریں جاری ہیں۔ ابدالآباد ان میں رہیں گے۔ یہ خدا کا سچا وعدہ ہے۔ اور خدا سے زیادہ بات کا سچا کون ہوسکتا ہے
وَعْدَ اللَّهِ حَقًّا: अल्लाह का वादा, जो सत्य और अटल है।
أَصْدَقُ: सबसे अधिक सच्चा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के लिए खुशखबरी लाती है जो सच्चे दिल से अल्लाह पर ईमान लाए और अपने ईमान के साथ अच्छे कर्म भी जोड़े। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने वादा किया है कि वह उन्हें ऐसे बाग़ों में दाखिल करेगा जिनके नीचे नहरें बहती हैं। ये बाग़ इतने खूबसूरत और भव्य हैं कि उनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। इन बाग़ों में वे हमेशा हमेशा के लिए रहेंगे — कोई अंत नहीं, कोई मृत्यु नहीं, कोई दर्द नहीं। यह कोई खोखला वादा नहीं, बल्कि अल्लाह का पक्का और सत्य वादा है, जो कभी टूटता नहीं। अल्लाह ने जो कहा, उसे पूरा करके ही रहेगा। और फिर अल्लाह खुद पूछता है: "अल्लाह से बढ़कर सच्ची बात कहने वाला और कौन हो सकता है?" यानी अल्लाह की बात से बढ़कर सच्ची और भरोसेमंद कोई बात नहीं। उसका वादा अटल है, और उस पर भरोसा करना ही सच्ची ईमानदारी है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
ईमान और अमल का मिलन: यह आयत सिखाती है कि सिर्फ ज़ुबान से ईमान काफी नहीं, बल्कि ईमान के साथ अच्छे कर्म भी ज़रूरी हैं। दोनों मिलकर ही इंसान को जन्नत तक पहुँचाते हैं।
अल्लाह का वादा अटल: जब अल्लाह किसी बात का वादा करता है, तो वह पूरी होकर रहती है। इससे मुसलमान के दिल में अल्लाह पर भरोसा और उम्मीद पैदा होती है।
जन्नत की असली खुशी: जन्नत सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि हमेशा की खुशी और सुकून का ठिकाना है। यहाँ की कोई भी खुशी पल भर की है, लेकिन जन्नत की खुशी कभी खत्म नहीं होती।
अल्लाह की सच्चाई: अल्लाह से बढ़कर सच्चा कोई नहीं। उसकी हर बात सच है, उसका हर वादा पक्का है। इसलिए हमें उसकी बातों पर पूरा यकीन करना चाहिए और उसके हुक्मों पर चलना चाहिए।
अच्छे कर्मों की तरफ रग़बत: यह आयत इंसान को अच्छे काम करने की तरफ उत्साहित करती है, क्योंकि हर अच्छा काम उसे जन्नत के करीब ले जाता है।
और जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उन्हें हम अनक़रीब ही (बेहिश्त के) उन (हरे भरे) बाग़ों में जा पहुंचाएगें जिनके (दरख्तों के) नीचे नहरें जारी होंगी और ये लोग उसमें हमेशा आबादुल आबाद तक रहेंगे (ये उनसे) ख़ुदा का पक्का वायदा है और ख़ुदा से ज्यादा (अपनी) बात में सच्चा कौन होगा
और जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उन्हें हम अनक़रीब ही (बेहिश्त के) उन (हरे भरे) बाग़ों में जा पहुंचाएगें जिनके (दरख्तों के) नीचे नहरें जारी होंगी और ये लोग उसमें हमेशा आबादुल आबाद तक रहेंगे (ये उनसे) ख़ुदा का पक्का वायदा है और ख़ुदा से ज्यादा (अपनी) बात में सच्चा कौन होगा
न तुम लोगों की आरज़ू से (कुछ काम चल सकता है) न अहले किताब की तमन्ना से कुछ हासिल हो सकता है बल्कि (जैसा काम वैसा दाम) जो बुरा काम करेगा उसे उसका बदला दिया जाएगा और फिर ख़ुदा के सिवा किसी को न तो अपना सरपरस्त पाएगा और न मददगार
और जो शख्स अच्छे अच्छे काम करेगा (ख्वाह) मर्द हो या औरत और ईमानदार (भी) हो तो ऐसे लोग बेहिश्त में (बेखटके) जा पहुंचेंगे और उनपर तिल भी ज़ुल्म न किया जाएगा
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