अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَأْوَاهُمْ: उनका ठिकाना, निवास स्थान
- مَحِيصًا: भागने की जगह, बचने का रास्ता, पलायन का स्थान
तफ़सीर (व्याख्या):
ये वे लोग हैं जिन्होंने शैतान के क़दमों पर चलकर उसके बहकावे में आकर अल्लाह की अवज्ञा की और उसके आदेशों को ठुकराया। उनका अंतिम ठिकाना और स्थायी निवास जहन्नम (नरक) की आग है। वे उस आग से बचने के लिए कोई रास्ता नहीं पाएँगे, न कोई भागने का मार्ग होगा और न ही कोई शरण स्थल जहाँ वे छिप सकें। वे जहन्नम में हमेशा के लिए रहेंगे और उससे निकलने का कोई उपाय उनके पास नहीं होगा। यह उनके कर्मों का परिणाम है, क्योंकि उन्होंने दुनिया में अल्लाह के मार्गदर्शन को अस्वीकार किया और शैतान की सुन ली।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि हर व्यक्ति अपने कर्मों का फल पाएगा। जो लोग शैतान का अनुसरण करते हैं, उनका अंजाम नरक है, और इससे बचने का कोई रास्ता नहीं होगा।
- यह हमें सचेत करती है कि दुनिया में हमें अपने मार्ग का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। शैतान के बहकावे में आकर अल्लाह के आदेशों की अवहेलना करना विनाश का कारण बनता है।
- यह आयत अल्लाह की रहमत की ओर भी इशारा करती है कि उसने हमें चेतावनी दी है ताकि हम सही रास्ता अपनाएँ और जहन्नम से बचें। अल्लाह अपने बंदों पर दयालु है, इसलिए उसने क़ुरआन में इन चेतावनियों को उतारा।
- यह हमें यह भी सिखाती है कि इस्लाम में आशा और भय का संतुलन है। जिस तरह अल्लाह की रहमत की ख़बर दी गई है, उसी तरह उसकी पकड़ से डराया भी गया है, ताकि इंसान दोनों के बीच संतुलन बनाए रखे।
📜 आयत 119-123 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 121
सूरा अन-निसा आयत 121 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यही तो वह लोग हैं जिनका ठिकाना बस जहन्नुम है…सूरा आयत 121/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 119–123. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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