अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नक़्द (نقض): तोड़ना, भंग करना
- मीसाक़ (ميثاق): अहद, वचन, संधि
- ग़ुल्फ़ (غلف): ढक्कन, आवरण, परदा (बहुवचन)
- तबा' (طبع): मुहर लगाना, सील कर देना
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने बनी इसराईल की उन बुराइयों और अपराधों का ज़िक्र किया है जिनकी वजह से उन्हें रहमत से दूर किया गया और उन पर लानत भेजी गई। ये वो लोग थे जिन्होंने अल्लाह के साथ किए गए अपने पक्के वचन को तोड़ दिया, अल्लाह की आयतों और निशानियों को झुठलाया, और उसके नबियों को नाहक़ क़त्ल किया। यहाँ तक कि जब अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) उन्हें सच्चाई की तरफ़ बुलाते थे, तो वे अहंकार और हठधर्मी से कहते थे: "हमारे दिल ढक्कनों में बंद हैं, हमें तुम्हारी बात समझ नहीं आती।"
लेकिन अल्लाह तआला ने उनके इस बहाने को झूठा करार देते हुए फ़रमाया कि असल बात ये नहीं है कि उनके दिलों पर कोई बाहरी आवरण है, बल्कि अल्लाह ने उनके कुफ़्र और सरकशी की वजह से उनके दिलों पर मुहर लगा दी, यानी उनके दिल सच्चाई को क़बूल करने से महरूम हो गए। नतीजा यह हुआ कि उनमें से बहुत थोड़े लोग ईमान लाए, और वह भी ऐसा ईमान जो उन्हें कोई फ़ायदा न दे सका, क्योंकि वे नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर ईमान नहीं लाए थे।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि अल्लाह के साथ वचन और अहद को निभाना चाहिए, उसकी आयतों को नहीं झुठलाना चाहिए, और अल्लाह के नबियों और उनके नायबों (उलमा-ए-हक़) की इज़्ज़त करनी चाहिए। जो लोग इन हदों से तजावुज़ करते हैं, उनका अंजाम वैसा ही होता है जैसा बनी इसराईल का हुआ — दिल सख़्त हो जाते हैं, सच्चाई क़बूल करने की तौफ़ीक़ खत्म हो जाती है, और इंसान धीरे-धीरे हिदायत से दूर होता चला जाता है। अल्लाह से दुआ है कि वह हमारे दिलों को ईमान की रौशनी से मुनव्वर करे और हमें सच्चाई को क़बूल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए।
📜 आयत 153-157 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 155
सूरा अन-निसा आयत 155 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उनके अपने एहद तोड़ डालने और एहकामे ख़ुदा से…सूरा आयत 155/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 153–157. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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