अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بُهْتَانًا: झूठा आरोप, बदनामी, वह बात जो सच्चाई के विपरीत हो।
- عَظِيمًا: बहुत बड़ा, अत्यंत गंभीर।
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने यहूदियों के उन कुकर्मों का उल्लेख किया है जिनके कारण उन्हें रहमत से दूर कर दिया गया और उन पर लानत भेजी गई। उनका पहला अपराध यह था कि उन्होंने हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) को नबी मानने से इनकार किया और उनकी रिसालत को झुठलाया। दूसरा अपराध यह था कि उन्होंने हज़रत मरियम (अलैहिस्सलाम) पर बहुत बड़ा झूठा आरोप लगाया — उन्होंने उन पर व्यभिचार का आरोप लगाया, जबकि वह पूर्ण पवित्रता वाली महिला थीं। यह आरोप न केवल झूठ था बल्कि अत्यंत घृणित और गंभीर था, क्योंकि अल्लाह ने स्वयं उन्हें पवित्र घोषित किया था। यहूदियों ने न केवल ईसा (अलैहिस्सलाम) को झुठलाया बल्कि उनकी माता की इज़्ज़त पर भी हमला किया। इस प्रकार उनका कुफ्र और उनकी बदज़बानी दोनों उनके लिए अल्लाह की रहमत से महरूम होने का कारण बने। अल्लाह ने उनके इन कुकर्मों के कारण उन्हें लानत और अपनी रहमत से दूर कर दिया।
फ़ायदे (उपदेश):
- यह आयत हमें सिखाती है कि नबियों और उनके परिवार की इज़्ज़त करना हर मुसलमान का ईमानी फ़र्ज़ है। किसी भी नबी या उनके खानदान के खिलाफ बोलना या उन पर आरोप लगाना बहुत बड़ा गुनाह है।
- झूठे आरोप लगाना और किसी की इज़्ज़त को ठेस पहुंचाना अल्लाह के यहां बहुत बड़ा अपराध है, चाहे वह किसी पर भी लगाया जाए।
- यहूदियों का अंजाम हमारे लिए सबक है कि जो लोग सच्चाई को जानते हुए भी उसका इनकार करते हैं और नबियों के खिलाफ ज़ुबान चलाते हैं, वे अल्लाह की रहमत से महरूम हो जाते हैं।
- इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि हमें अपनी ज़ुबान की हिफ़ाज़त करनी चाहिए और किसी के बारे में बिना सबूत के बुरी बात नहीं कहनी चाहिए। इस्लाम हमें पाकीज़गी और सच्चाई की तरफ बुलाता है।
📜 आयत 154-158 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 156
सूरा अन-निसा आयत 156 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनके काफ़िर होने और मरियम पर बहुत बड़ा बोहतान…सूरा आयत 156/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 154–158. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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