अन-निसा · 169/176
अनुवाद उच्चारण — अन-निसा
إِلَّا طَرِيقَ جَهَنَّمَ خَالِدِينَ فِيهَا أَبَدًا ۚ وَكَانَ ذَٰلِكَ عَلَى اللَّهِ يَسِيرًا ۝١٦٩
Illaa tareeqa jahannamma khaalideena feehaa abadaa; wa kaana zaalika `alal laahi yaseeraa
📖 हिंदी अर्थ
मगर (हॉ) जहन्नुम का रास्ता (दिखा देगा) जिसमें ये लोग हमेशा (पडे) रहेंगे और ये तो ख़ुदा के वास्ते बहुत ही आसान बात है

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • तरीक़े जहन्नम: जहन्नम का रास्ता, यानी वह मार्ग जो नरक की ओर ले जाता है।
  • ख़ालिदीन: हमेशा रहने वाले, स्थायी रूप से ठहरने वाले।
  • अबदन: हमेशा के लिए, बिना किसी अंत के।
  • यसीरन: आसान, सरल, कठिनाई से रहित।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन लोगों के बारे में है जो अल्लाह की हिदायत को ठुकरा देते हैं और कुफ्र व इन्कार की राह पर चलते हैं। अल्लाह तआला उन्हें सीधे रास्ते पर नहीं डालता, बल्कि उनका अंजाम जहन्नम का रास्ता होता है। यानी उन्होंने जो गुमराही और कुफ्र का रास्ता चुना, उसी का नतीजा यह है कि वे जहन्नम में जाएंगे और उसमें हमेशा-हमेशा के लिए रहेंगे। वहाँ से उनकी कोई निकासी नहीं होगी, न ही उनकी मौत आएगी और न ही उन्हें कोई राहत मिलेगी।

अल्लाह तआला फरमाता है कि यह सब कुछ उसके लिए बिल्कुल आसान है। उसे कोई कठिनाई नहीं होती। जिस तरह उसने आसमान और ज़मीन को पैदा किया और हर चीज़ उसके काबू में है, उसी तरह जहन्नम में डालना और उसमें हमेशा रखना उसके लिए निहायत आसान है। वह जो चाहता है, फौरन कर देता है। उसके फैसले के आगे कोई रुकावट नहीं आ सकती।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है। अल्लाह ने हमें आगाह किया है कि कुफ्र और गुनाह की राह अंजाम तक पहुँचाती है, और वह अंजाम जहन्नम है। लेकिन साथ ही अल्लाह की रहमत भी बहुत बड़ी है। उसने हमें मौका दिया है कि हम तौबा करें, अपने गुनाहों से बाज़ आएँ और सीधे रास्ते पर चलें। जो लोग अल्लाह की तरफ लौटते हैं, उनके लिए जन्नत के दरवाज़े खुले हैं। अल्लाह ने कुरआन में बार-बार फरमाया है कि वह गुनाहगारों की माफ़ी के लिए तैयार है, बशर्ते वे सच्चे दिल से तौबा करें।

तो आओ, हम इस आयत से सबक लें कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की राह पर चलाएँ, उसके हुक्मों की पैरवी करें और उस रास्ते से बचें जो जहन्नम की तरफ ले जाता है। अल्लाह हमें सीधी राह दिखाए और हमें जन्नत का हक़ीक़ी रास्ता अपनाने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 167-171 — अन-निसा

167إِنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا وَصَدُّوا عَن سَبِيلِ اللَّهِ قَدْ ضَلُّوا ضَلَالًا بَعِيدًا
बेशक जिन लोगों ने कुफ़्र इख्तेयार किया और ख़ुदा की राह से (लोगों) को रोका वह राहे रास्त से भटक के बहुत दूर जा पडे
168إِنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا وَظَلَمُوا لَمْ يَكُنِ اللَّهُ لِيَغْفِرَ لَهُمْ وَلَا لِيَهْدِيَهُمْ طَرِيقًا
बेशक जिन लोगों ने कुफ़्र इख्तेयार किया और (उस पर) ज़ुल्म (भी) करते रहे न तो ख़ुदा उनको बख्शेगा ही और न ही उन्हें किसी तरीक़े की हिदायत करेगा
169إِلَّا طَرِيقَ جَهَنَّمَ خَالِدِينَ فِيهَا أَبَدًا ۚ وَكَانَ ذَٰلِكَ عَلَى اللَّهِ يَسِيرًا
मगर (हॉ) जहन्नुम का रास्ता (दिखा देगा) जिसमें ये लोग हमेशा (पडे) रहेंगे और ये तो ख़ुदा के वास्ते बहुत ही आसान बात है
170يَا أَيُّهَا النَّاسُ قَدْ جَاءَكُمُ الرَّسُولُ بِالْحَقِّ مِن رَّبِّكُمْ فَآمِنُوا خَيْرًا لَّكُمْ ۚ وَإِن تَكْفُرُوا فَإِنَّ لِلَّهِ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۚ وَكَانَ اللَّهُ عَلِيمًا حَكِيمًا
ऐ लोगों तुम्हारे पास तुम्हारे परवरदिगार की तरफ़ से रसूल (मोहम्मद) दीने हक़ के साथ आ चुके हैं ईमान लाओ (यही) तुम्हारे हक़ में बेहतर है और अगर इन्कार करोगे तो (समझ रखो कि) जो कुछ ज़मीन और आसमानों में है सब ख़ुदा ही का है और ख़ुदा बड़ा वाक़िफ़कार हकीम है
171يَا أَهْلَ الْكِتَابِ لَا تَغْلُوا فِي دِينِكُمْ وَلَا تَقُولُوا عَلَى اللَّهِ إِلَّا الْحَقَّ ۚ إِنَّمَا الْمَسِيحُ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ رَسُولُ اللَّهِ وَكَلِمَتُهُ أَلْقَاهَا إِلَىٰ مَرْيَمَ وَرُوحٌ مِّنْهُ ۖ فَآمِنُوا بِاللَّهِ وَرُسُلِهِ ۖ وَلَا تَقُولُوا ثَلَاثَةٌ ۚ انتَهُوا خَيْرًا لَّكُمْ ۚ إِنَّمَا اللَّهُ إِلَٰهٌ وَاحِدٌ ۖ سُبْحَانَهُ أَن يَكُونَ لَهُ وَلَدٌ ۘ لَّهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۗ وَكَفَىٰ بِاللَّهِ وَكِيلًا
ऐ अहले किताब अपने दीन में हद (एतदाल) से तजावुज़ न करो और ख़ुदा की शान में सच के सिवा (कोई दूसरी बात) न कहो मरियम के बेटे ईसा मसीह (न ख़ुदा थे न ख़ुदा के बेटे) पस ख़ुदा के एक रसूल और उसके कलमे (हुक्म) थे जिसे ख़ुदा ने मरियम के पास भेज दिया था (कि हामला हो जा) और ख़ुदा की तरफ़ से एक जान थे पस ख़ुदा और उसके रसूलों पर ईमान लाओ और तीन (ख़ुदा) के क़ायल न बनो (तसलीस से) बाज़ रहो (और) अपनी भलाई (तौहीद) का क़सद करो अल्लाह तो बस यकता माबूद है वह उस (नुक्स) से पाक व पाकीज़ा है उसका कोई लड़का हो (उसे लड़के की हाजत ही क्या है) जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है सब तो उसी का है और ख़ुदा तो कारसाज़ी में काफ़ी है
अन-निसाकुरान सूची
176आयत
मदनीRevelation
169आयत

अनुवाद — अन-निसा 169

सूरा अन-निसा आयत 169 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर (हॉ) जहन्नुम का रास्ता (दिखा देगा) जिसमें ये लोग…

सूरा आयत 169/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 167–171. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए