अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- बिल-बय्यिनात: स्पष्ट प्रमाण और चमत्कार।
- हलक: मृत्यु, देहांत।
- मुसरिफ: हद से गुज़रने वाला, सत्य को छोड़कर असत्य पर चलने वाला।
- मुर्ताब: संदेह करने वाला, शक में पड़ने वाला।
तफसीर:
और अल्लाह ने आपसे पहले यूसुफ (अलैहिस्सलाम) को भी स्पष्ट प्रमाणों और चमत्कारों के साथ भेजा था। उन्होंने तुम्हें अल्लाह की एकता और उसकी इबादत की ओर बुलाया, और अपनी सच्चाई के खुले सबूत पेश किए। लेकिन तुम लोग उनके लाए हुए संदेश में हमेशा संदेह और शक में ही रहे। यहाँ तक कि जब यूसुफ (अलैहिस्सलाम) का देहांत हो गया, तो तुम्हारा संदेह और बढ़ गया और तुम कहने लगे कि अल्लाह उनके बाद कोई और रसूल नहीं भेजेगा। यह तुम्हारी ज़िद और सत्य से दूर भागने की आदत थी।
यही हाल उन लोगों का है जो हद से गुज़र जाते हैं और अल्लाह की निशानियों पर संदेह करते हैं। अल्लाह ऐसे लोगों को उनके अपने कर्मों और हठधर्मिता की वजह से गुमराही में छोड़ देता है। जो व्यक्ति सत्य को देखकर भी उसे नकारता है और अपनी ज़िद पर अड़ा रहता है, वह हिदायत से वंचित रहता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के रसूलों को झुठलाने और उनकी शिक्षाओं में संदेह करने का अंजाम कितना बुरा होता है। जो लोग सत्य को स्वीकार करने से इनकार करते हैं और अपनी ज़िद पर अड़े रहते हैं, वे अल्लाह की रहमत से दूर हो जाते हैं। इसके विपरीत, जो लोग सत्य को खुले दिल से स्वीकार करते हैं और अल्लाह की ओर लौटते हैं, उनके लिए अल्लाह की ओर से मार्गदर्शन और क्षमा है। हमें चाहिए कि हम अपने दिलों को अल्लाह की याद और उसके रसूलों की शिक्षाओं के प्रति नर्म रखें, ताकि हम सीधे रास्ते पर चल सकें और अल्लाह की रहमत के हकदार बन सकें। याद रखें, अल्लाह उन्हीं को हिदायत देता है जो सच्चाई की तलाश में होते हैं और अपने दिल को साफ रखते हैं।
📜 आयत 32-36 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 34
सूरा ग़ाफिर आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (इससे) पहले यूसुफ़ भी तुम्हारे पास मौजिज़े लेकर आए…सूरा आयत 34/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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