Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُوَلُّونَ مُدْبِرِينَ: तुम पीठ फेरकर भागोगे, मुँह मोड़कर पलायन करोगे।
- عَاصِمٍ: बचाने वाला, रक्षा करने वाला, रोकने वाला।
- يُضْلِلِ اللَّهُ: जिसे अल्लाह गुमराह कर दे (यानी उसे हिदायत की तौफ़ीक़ न दे)।
- هَادٍ: हिदायत देने वाला, सही रास्ता दिखाने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक दिन का वर्णन कर रही है जब सभी लोग हिसाब के लिए खड़े होंगे। उस दिन जब गुनाहगारों को आग की तरफ ले जाया जाएगा, तो वे डर के मारे इधर-उधर भागेंगे, पीठ फेरकर भागने की कोशिश करेंगे, लेकिन कहीं जाने की जगह नहीं होगी। उस वक्त उन्हें समझ आएगा कि कोई उन्हें अल्लाह के अज़ाब से बचाने वाला नहीं है। न कोई ढाल है, न कोई सहारा, न कोई मददगार। वे जितना भागेंगे, अज़ाब उन्हें घेर लेगा।
फिर अल्लाह तआला फरमाता है कि जिसे अल्लाह गुमराह कर दे, उसे कोई हिदायत देने वाला नहीं। यानी हिदायत और गुमराही सिर्फ अल्लाह के हाथ में है। जिसे अल्लाह ने उसकी सरकशी और अक़्ल के गलत इस्तेमाल की वजह से छोड़ दिया, उसे कोई रास्ते पर नहीं ला सकता। यह बात हमें यह सबक सिखाती है कि हमें अल्लाह की तरफ रुजू करना चाहिए, उसकी रहमत और हिदायत की दुआ माँगनी चाहिए, क्योंकि हिदायत का मालिक सिर्फ वही है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें दो बातें सिखाती है। पहली यह कि हमें इस दुनिया में रहते हुए उस दिन की तैयारी करनी है जब कोई भागने की जगह नहीं होगी। आज हमारे पास मौका है कि हम तौबा करें, नेक अमल करें और अल्लाह की रहमत के साये में आ जाएँ। दूसरी यह कि हमें हर वक्त अल्लाह से हिदायत की दुआ माँगनी चाहिए, क्योंकि हिदायत उसी के हाथ में है। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है, वह अपने बंदों को हिदायत देना चाहता है, बशर्ते वे सच्चे दिल से उसकी तरफ लौटें। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक ढालें, ताकि उस दिन हम भागने वालों में न हों, बल्कि जन्नत की तरफ चलने वालों में हों।
📜 आयत 31-35 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 33
सूरा ग़ाफिर आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन तुम पीठ फेर कर (जहन्नुम) की तरफ चल…सूरा आयत 33/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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