Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- हुदन (هُدًى): मार्गदर्शन, सत्य की ओर ले जाने वाला।
- ज़िक्रा (ذِكْرَىٰ): नसीहत, याद दिलाना, चेतावनी।
- उलिल-अल्बाब (أُولِي الْأَلْبَابِ): बुद्धिमान लोग, सही अक़्ल वाले, समझदार।
तफ़सीर:
यह आयत पिछली आयतों से जुड़ी हुई है, जिसमें अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र किया है कि उन्हें तौरात दी गई और बनी इसराईल को वह किताब विरासत में मिली। अब इस आयत में अल्लाह फ़रमाता है कि यह किताब (तौरात) हिदायत और नसीहत है उन लोगों के लिए जो अक़्ल रखते हैं।
यानी यह किताब सिर्फ़ एक इतिहास नहीं है, बल्कि उसमें वो रौशनी और हिदायत है जो इंसान को अंधेरों से निकालकर सीधे रास्ते पर लाती है। और यह सिर्फ़ उन्हीं लोगों को फ़ायदा देती है जो अपनी अक़्ल को इस्तेमाल करते हैं, जो सोचते-समझते हैं, और जो अपने दिल के कानों से सुनते हैं।
जो लोग अक़्ल से काम नहीं लेते, जो हठधर्मी और अंधी पैरवी पर अड़े रहते हैं, उनके लिए यह किताब कोई फ़ायदा नहीं देती। क्योंकि हिदायत का असर उसी दिल पर होता है जो खुला हो, और नसीहत उसी को समझ आती है जो सच्चाई की तलाश में हो।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की हर किताब और हर पैग़म्बर का पैग़ाम असल में हमारी भलाई के लिए है। अल्लाह ने कभी किसी को बिना रहनुमाई के नहीं छोड़ा। हर ज़माने में उसने हिदायत का ज़रिया भेजा। आज हमारे पास कुरआन है, जो आख़िरी और मुकम्मल किताब है।
अगर हम सच में अक़्ल रखते हैं, तो हमें कुरआन को पढ़ना चाहिए, समझना चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए। क्योंकि कुरआन ही वो किताब है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाती है। यह हमारे लिए रहमत, शिफ़ा और नूर है।
अल्लाह तआला हम सबको उन लोगों में शामिल करे जो अक़्ल रखते हैं, जो हिदायत को क़बूल करते हैं और जो नसीहत से सबक़ लेते हैं। आमीन।
📜 आयत 52-56 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 54
सूरा ग़ाफिर आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो अक्लमन्दों के लिए (सरतापा) हिदायत व नसीहत हैसूरा आयत 54/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 52–56. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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