अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاصْبِرْ: धैर्य रखें, सब्र करें।
- إِنَّ وَعْدَ اللَّهِ حَقٌّ: निस्संदेह अल्लाह का वादा सत्य है।
- وَاسْتَغْفِرْ لِذَنبِكَ: अपने गुनाहों के लिए क्षमा माँगें।
- وَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ: अपने रब की प्रशंसा के साथ उसकी तस्बीह (पवित्रता का वर्णन) करें।
- بِالْعَشِيِّ وَالْإِبْكَارِ: शाम और सुबह के समय।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप उन लोगों की ओर से मिलने वाली तकलीफों और झुठलाने पर धैर्य रखें। अल्लाह का वादा बिल्कुल सच्चा है—वह अपने नेक बंदों की मदद करता है और अपने दुश्मनों को ज़लील करता है। जैसे उसने मूसा (अलैहिस्सलाम) को फिरौन पर विजय दी और उनकी शरीयत को बाकी रखा, वैसे ही वह आपको भी विजय देगा और आपके दीन को हमेशा के लिए स्थापित करेगा। यह वादा कभी टलने वाला नहीं।
फिर अल्लाह तआला आपको निर्देश देता है कि आप अपने गुनाहों के लिए इस्तिग़फ़ार (क्षमा की प्रार्थना) करें—ताकि उम्मत के लिए यह एक सुन्नत और नमूना बने। और अपने रब की तस्बीह उसकी हम्द (प्रशंसा) के साथ करें, यानी नमाज़ अदा करें, सुबह और शाम के समय। यही वो समय हैं जब दिल ख़ास तौर पर अल्लाह की याद में लीन होता है और रूह को सुकून मिलता है।
यह आयत हर मुसलमान के लिए एक प्यारा पैगाम है—मुश्किलों में सब्र करो, अल्लाह से माफ़ी माँगो, और उसकी तस्बीह व नमाज़ को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाओ। यही वो रास्ता है जो आपको दुनिया में सुकून और आख़िरत में कामयाबी तक पहुँचाएगा। अल्लाह का वादा सच्चा है, उस पर भरोसा रखो और उसकी इबादत में मशगूल रहो—यही सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 53-57 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 55
सूरा ग़ाफिर आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम (उनकी शरारत) पर सब्र करो बेशक ख़ुदा…सूरा आयत 55/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








