अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْهُدَىٰ (अल-हुदा): मार्गदर्शन, वह ज्ञान और बुद्धि जो सत्य की ओर ले जाए। यहाँ इसका अर्थ नबुव्वत (पैग़म्बरी), हिक्मत (बुद्धि) और वे चमत्कार (मो'जिज़ात) हैं जो मूसा (अलैहिस्सलाम) को दिए गए।
- وَأَوْرَثْنَا (और हमने विरासत में दिया): यानी एक पीढ़ी के बाद दूसरी पीढ़ी को सौंपना, ताकि वह उसे संभाल कर रखे और उस पर अमल करे।
- الْكِتَابَ (अल-किताब): यहाँ तौरात (तोराह) मुराद है, जो मूसा (अलैहिस्सलाम) पर उतारी गई।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपनी महान क़ुदरत और एहसान का ज़िक्र करते हुए फ़रमाते हैं कि हमने मूसा (अलैहिस्सलाम) को वह मार्गदर्शन अता किया जो सत्य तक पहुँचाने वाला था — यानी नबुव्वत, हिक्मत, और वे मो'जिज़ात जो उनके दौर में लोगों के लिए रहनुमा बने। यह हिदायत सिर्फ़ उनके ज़माने तक सीमित नहीं रही, बल्कि अल्लाह ने बनी इसराईल को यह सौगात दी कि वे तौरात को विरासत के तौर पर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाते रहे। यह किताब उनके लिए रहनुमा, रोशनी और नसीहत बनकर आई, ताकि वे सीधे रास्ते पर चलें और अक्लमंद लोग इससे सबक़ हासिल करें।
यहाँ अल्लाह तआला हमें बताना चाहते हैं कि हिदायत उन्हीं को नसीब होती है जो इसे क़द्र की नज़र से देखें और उस पर अमल करें। बनी इसराईल को यह शरफ़ हासिल हुआ कि उनके पास आसमानी किताब रही, लेकिन जब उन्होंने उसके साथ बेवफ़ाई की और उसे तहरीफ़ (बदलाव) का निशाना बनाया, तो वह नेअमत उनसे छीन ली गई और आख़िरी नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर कुरआन उतारा गया, जो हमेशा के लिए महफ़ूज़ है।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह की नेअमतों की क़द्र करनी चाहिए और उन्हें अपनी औलाद तक पहुँचाने की ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए। जिस तरह बनी इसराईल को किताब विरासत में मिली थी, उसी तरह हम मुसलमानों को कुरआन विरासत में मिला है। हमें चाहिए कि इसे सिर्फ़ पढ़ें ही नहीं, बल्कि इस पर अमल करें और अपनी आने वाली नस्लों को भी इससे जोड़ें। यही वह रास्ता है जो दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है। अल्लाह तआला हम सबको कुरआन को समझने, उस पर अमल करने और उसे आगे बढ़ाने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 51-55 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 53
सूरा ग़ाफिर आयत 53 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम ही ने मूसा को हिदायत (की किताब तौरेत)…सूरा आयत 53/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 51–55. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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