Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَرَارًا: ठहरने की जगह, स्थिर रहने के लिए बनाई गई।
- بِنَاءً: छत, ऊपर से ढका हुआ (आकाश को छत की तरह बनाया गया)।
- صَوَّرَكُمْ: तुम्हारी सूरत बनाई, तुम्हें आकार दिया।
- الطَّيِّبَاتِ: पवित्र और अच्छी चीज़ें, हलाल और लज़ीज़ रोज़ी।
- فَتَبَارَكَ: बहुत बरकत वाला, बड़ी भलाई और कृपा वाला।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला वही है जिसने इस धरती को तुम्हारे लिए ठहरने की जगह बनाया—इसे स्थिर, सपाट और रहने योग्य बनाया ताकि तुम उस पर चैन से जीवन बिता सको, घर बना सको, खेती कर सको और आराम से चल-फिर सको। उसी ने आसमान को तुम्हारे ऊपर एक मज़बूत छत की तरह बनाया, जो बिना किसी सहारे के खड़ी है और गिरती नहीं, जिसमें सूरज, चाँद और तारे तुम्हारे लिए रोशनी और रहनुमाई का ज़रिया हैं।
फिर उसी अल्लाह ने तुम्हें सूरत दी और तुम्हारी सूरत को बेहद खूबसूरत बनाया—सीधा क़द, अच्छे अंग, समझने और बोलने की ताक़त, और हर इंसान को एक अनोखी पहचान दी। ये सब उसकी कुदरत की निशानियाँ हैं। उसी ने तुम्हें पाक और अच्छी चीज़ों से रोज़ी दी—हलाल खाना, मीठा पानी, फल, अनाज, और तमाम नेमतें जो सिर्फ़ इंसानों के लिए हैं, जानवरों की रोज़ी से अलग और बेहतर।
ये वही अल्लाह है जिसने ये सारी नेमतें दीं—वही तुम्हारा रब है। उसकी बरकतें बेशुमार हैं, उसका फज़ल और करम असीम है। वह हर ऐब और कमी से पाक है, और वही सारे जहानों का पालनहार है। उसके सिवा कोई मालिक नहीं, और हर चीज़ उसी की मोहताज है।
दावती पहलू:
इस आयत में अल्लाह तआला अपनी उन नेमतों की याद दिलाता है जो हर इंसान हर वक़्त इस्तेमाल करता है—ज़मीन, आसमान, सूरत और रोज़ी। ये चीज़ें इतनी आम हैं कि हम इन पर ग़ौर नहीं करते, लेकिन अगर एक पल के लिए सोचें तो पता चलता है कि ये सब किसी बड़े हिकमत वाले और रहम करने वाले की देन हैं। यही अल्लाह हमारा रब है, और उसकी मोहब्बत और शुक्र ही हमारी कामयाबी की कुंजी है। जिसने इतनी नेमतें दीं, उसकी इबादत और उसके हुक्म पर चलना हमारा फर्ज़ है—और यही सबसे बड़ी भलाई है।
📜 आयत 62-66 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 64
सूरा ग़ाफिर आयत 64 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अल्लाह ही तो है जिसने तुम्हारे वास्ते ज़मीन को ठहरने…सूरा आयत 64/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 62–66. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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