ग़ाफिर · 64/85
अनुवाद उच्चारण — ग़ाफिर
اللَّهُ الَّذِي جَعَلَ لَكُمُ الْأَرْضَ قَرَارًا وَالسَّمَاءَ بِنَاءً وَصَوَّرَكُمْ فَأَحْسَنَ صُوَرَكُمْ وَرَزَقَكُم مِّنَ الطَّيِّبَاتِ ۚ ذَٰلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ ۖ فَتَبَارَكَ اللَّهُ رَبُّ الْعَالَمِينَ ۝٦٤
Allaahul lazee ja`ala lakumul arda qaraaranw wassa maaa`a binaaa`anw wa sawwarakum fa ahsana suwarakum wa razaqakum minat taiyibaat; zaalikumul laahu Rabbukum fatabaarakal laahu Rabbul `aalameen
📖 हिंदी अर्थ
अल्लाह ही तो है जिसने तुम्हारे वास्ते ज़मीन को ठहरने की जगह और आसमान को छत बनाया और उसी ने तुम्हारी सूरतें बनायीं तो अच्छी सूरतें बनायीं और उसी ने तुम्हें साफ सुथरी चीज़ें खाने को दीं यही अल्लाह तो तुम्हारा परवरदिगार है तो ख़ुदा बहुत ही मुतबर्रिक है जो सारे जहाँन का पालने वाला है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • قَرَارًا: ठहरने की जगह, स्थिर रहने के लिए बनाई गई।
  • بِنَاءً: छत, ऊपर से ढका हुआ (आकाश को छत की तरह बनाया गया)।
  • صَوَّرَكُمْ: तुम्हारी सूरत बनाई, तुम्हें आकार दिया।
  • الطَّيِّبَاتِ: पवित्र और अच्छी चीज़ें, हलाल और लज़ीज़ रोज़ी।
  • فَتَبَارَكَ: बहुत बरकत वाला, बड़ी भलाई और कृपा वाला।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला वही है जिसने इस धरती को तुम्हारे लिए ठहरने की जगह बनाया—इसे स्थिर, सपाट और रहने योग्य बनाया ताकि तुम उस पर चैन से जीवन बिता सको, घर बना सको, खेती कर सको और आराम से चल-फिर सको। उसी ने आसमान को तुम्हारे ऊपर एक मज़बूत छत की तरह बनाया, जो बिना किसी सहारे के खड़ी है और गिरती नहीं, जिसमें सूरज, चाँद और तारे तुम्हारे लिए रोशनी और रहनुमाई का ज़रिया हैं।

फिर उसी अल्लाह ने तुम्हें सूरत दी और तुम्हारी सूरत को बेहद खूबसूरत बनाया—सीधा क़द, अच्छे अंग, समझने और बोलने की ताक़त, और हर इंसान को एक अनोखी पहचान दी। ये सब उसकी कुदरत की निशानियाँ हैं। उसी ने तुम्हें पाक और अच्छी चीज़ों से रोज़ी दी—हलाल खाना, मीठा पानी, फल, अनाज, और तमाम नेमतें जो सिर्फ़ इंसानों के लिए हैं, जानवरों की रोज़ी से अलग और बेहतर।

ये वही अल्लाह है जिसने ये सारी नेमतें दीं—वही तुम्हारा रब है। उसकी बरकतें बेशुमार हैं, उसका फज़ल और करम असीम है। वह हर ऐब और कमी से पाक है, और वही सारे जहानों का पालनहार है। उसके सिवा कोई मालिक नहीं, और हर चीज़ उसी की मोहताज है।

दावती पहलू:

इस आयत में अल्लाह तआला अपनी उन नेमतों की याद दिलाता है जो हर इंसान हर वक़्त इस्तेमाल करता है—ज़मीन, आसमान, सूरत और रोज़ी। ये चीज़ें इतनी आम हैं कि हम इन पर ग़ौर नहीं करते, लेकिन अगर एक पल के लिए सोचें तो पता चलता है कि ये सब किसी बड़े हिकमत वाले और रहम करने वाले की देन हैं। यही अल्लाह हमारा रब है, और उसकी मोहब्बत और शुक्र ही हमारी कामयाबी की कुंजी है। जिसने इतनी नेमतें दीं, उसकी इबादत और उसके हुक्म पर चलना हमारा फर्ज़ है—और यही सबसे बड़ी भलाई है।

🎧 सुनें

📜 आयत 62-66 — ग़ाफिर

62ذَٰلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ خَالِقُ كُلِّ شَيْءٍ لَّا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ۖ فَأَنَّىٰ تُؤْفَكُونَ
यही ख़ुदा तुम्हारा परवरदिगार है जो हर चीज़ का ख़ालिक़ है, और उसके सिवा कोई माबूद नहीं, फिर तुम कहाँ बहके जा रहे हो
63كَذَٰلِكَ يُؤْفَكُ الَّذِينَ كَانُوا بِآيَاتِ اللَّهِ يَجْحَدُونَ
जो लोग ख़ुदा की आयतों से इन्कार रखते थे वह इसी तरह भटक रहे थे
64اللَّهُ الَّذِي جَعَلَ لَكُمُ الْأَرْضَ قَرَارًا وَالسَّمَاءَ بِنَاءً وَصَوَّرَكُمْ فَأَحْسَنَ صُوَرَكُمْ وَرَزَقَكُم مِّنَ الطَّيِّبَاتِ ۚ ذَٰلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ ۖ فَتَبَارَكَ اللَّهُ رَبُّ الْعَالَمِينَ
अल्लाह ही तो है जिसने तुम्हारे वास्ते ज़मीन को ठहरने की जगह और आसमान को छत बनाया और उसी ने तुम्हारी सूरतें बनायीं तो अच्छी सूरतें बनायीं और उसी ने तुम्हें साफ सुथरी चीज़ें खाने को दीं यही अल्लाह तो तुम्हारा परवरदिगार है तो ख़ुदा बहुत ही मुतबर्रिक है जो सारे जहाँन का पालने वाला है
65هُوَ الْحَيُّ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ فَادْعُوهُ مُخْلِصِينَ لَهُ الدِّينَ ۗ الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ
वही (हमेशा) ज़िन्दा है और उसके सिवा कोई माबूद नहीं तो निरी खरी उसी की इबादत करके उसी से ये दुआ माँगो, सब तारीफ ख़ुदा ही को सज़ावार है और जो सारे जहाँन का पालने वाला है
66۞ قُلْ إِنِّي نُهِيتُ أَنْ أَعْبُدَ الَّذِينَ تَدْعُونَ مِن دُونِ اللَّهِ لَمَّا جَاءَنِيَ الْبَيِّنَاتُ مِن رَّبِّي وَأُمِرْتُ أَنْ أُسْلِمَ لِرَبِّ الْعَالَمِينَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि जब मेरे पास मेरे परवरदिगार की बारगाह से खुले हुए मौजिज़े आ चुके तो मुझे इस बात की मनाही कर दी गयी है कि ख़ुदा को छोड़ कर जिनको तुम पूजते हो मैं उनकी परसतिश करूँ और मुझे तो यह हुक्म हो चुका है कि मैं सारे जहाँन के पालने वाले का फरमाबरदार बनु
ग़ाफिरकुरान सूची
85आयत
मक्कीRevelation
64आयत

अनुवाद — ग़ाफिर 64

सूरा ग़ाफिर आयत 64 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अल्लाह ही तो है जिसने तुम्हारे वास्ते ज़मीन को ठहरने…

सूरा आयत 64/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 62–66. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए