ग़ाफिर · 63/85
अनुवाद उच्चारण — ग़ाफिर
كَذَٰلِكَ يُؤْفَكُ الَّذِينَ كَانُوا بِآيَاتِ اللَّهِ يَجْحَدُونَ ۝٦٣
Kazaalika yu`fakul loazeena kaanoo bi Aayaatil laahi yajhadoon
📖 हिंदी अर्थ
जो लोग ख़ुदा की आयतों से इन्कार रखते थे वह इसी तरह भटक रहे थे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُؤْفَكُ: बहकाया जाता है, सत्य से हटाया जाता है।
  • يَجْحَدُونَ: इनकार करते हैं, झुठलाते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ हे कुरैश के काफ़िरों! जिस प्रकार तुम सत्य को झुठलाकर असत्य की ओर मुड़ गए, ठीक उसी प्रकार वे लोग भी सत्य से बहकाए जाते हैं जो अल्लाह की आयतों (निशानियों और प्रमाणों) को जानबूझकर झुठलाते हैं। यह उनका अपना किया हुआ है—जब उन्होंने अल्लाह के स्पष्ट प्रमाणों को देखने के बावजूद उन्हें नकारा, तो अल्लाह ने उनके दिलों को सत्य से दूर कर दिया। यह कोई अंधी किस्मत नहीं, बल्कि उनके हठ और अहंकार का परिणाम है।

यही नियम हर ज़माने और हर जगह लागू होता है—जो व्यक्ति अल्लाह की आयतों पर ग़ौर नहीं करता, उन्हें झुठलाता है, वह हिदायत की रोशनी से वंचित रह जाता है और उसे कोई भलाई का रास्ता नहीं मिलता। अल्लाह उसे उसकी स्थिति पर छोड़ देता है, और वह भटकता चला जाता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें एक बड़ी सीख देती है—अल्लाह की आयतें हर जगह बिखरी पड़ी हैं: कुरान में, क़ुदरत के नज़ारों में, और हमारे अपने अंदर। जो इन पर ग़ौर करता है, उसका दिल रोशन होता है और वह सीधे रास्ते पर चलता है। लेकिन जो इनसे मुँह मोड़ता है, वह धीरे-धीरे अंधेरे में डूबता जाता है। प्यारे भाइयों और बहनों! आज ही अपने दिल को अल्लाह की आयतों की तरफ खोलें, कुरान को समझकर पढ़ें, और उस पर अमल करें। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है। अल्लाह हमें सत्य को देखने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 61-65 — ग़ाफिर

61اللَّهُ الَّذِي جَعَلَ لَكُمُ اللَّيْلَ لِتَسْكُنُوا فِيهِ وَالنَّهَارَ مُبْصِرًا ۚ إِنَّ اللَّهَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى النَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ النَّاسِ لَا يَشْكُرُونَ
ख़ुदा ही तो है जिसने तुम्हारे वास्ते रात बनाई ताकि तुम उसमें आराम करो और दिन को रौशन (बनाया) तकि काम करो बेशक ख़ुदा लोगों परा बड़ा फज़ल व करम वाला है, मगर अक्सर लोग उसका शुक्र नहीं अदा करते
62ذَٰلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ خَالِقُ كُلِّ شَيْءٍ لَّا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ۖ فَأَنَّىٰ تُؤْفَكُونَ
यही ख़ुदा तुम्हारा परवरदिगार है जो हर चीज़ का ख़ालिक़ है, और उसके सिवा कोई माबूद नहीं, फिर तुम कहाँ बहके जा रहे हो
63كَذَٰلِكَ يُؤْفَكُ الَّذِينَ كَانُوا بِآيَاتِ اللَّهِ يَجْحَدُونَ
जो लोग ख़ुदा की आयतों से इन्कार रखते थे वह इसी तरह भटक रहे थे
64اللَّهُ الَّذِي جَعَلَ لَكُمُ الْأَرْضَ قَرَارًا وَالسَّمَاءَ بِنَاءً وَصَوَّرَكُمْ فَأَحْسَنَ صُوَرَكُمْ وَرَزَقَكُم مِّنَ الطَّيِّبَاتِ ۚ ذَٰلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ ۖ فَتَبَارَكَ اللَّهُ رَبُّ الْعَالَمِينَ
अल्लाह ही तो है जिसने तुम्हारे वास्ते ज़मीन को ठहरने की जगह और आसमान को छत बनाया और उसी ने तुम्हारी सूरतें बनायीं तो अच्छी सूरतें बनायीं और उसी ने तुम्हें साफ सुथरी चीज़ें खाने को दीं यही अल्लाह तो तुम्हारा परवरदिगार है तो ख़ुदा बहुत ही मुतबर्रिक है जो सारे जहाँन का पालने वाला है
65هُوَ الْحَيُّ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ فَادْعُوهُ مُخْلِصِينَ لَهُ الدِّينَ ۗ الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ
वही (हमेशा) ज़िन्दा है और उसके सिवा कोई माबूद नहीं तो निरी खरी उसी की इबादत करके उसी से ये दुआ माँगो, सब तारीफ ख़ुदा ही को सज़ावार है और जो सारे जहाँन का पालने वाला है
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अनुवाद — ग़ाफिर 63

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Tuesday, August 18, 2026

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