Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَلَنُذِيقَنَّ: हम अवश्य चखाएँगे (अर्थात् अवश्य अनुभव कराएँगे)
- عَذَابًا شَدِيدًا: अत्यंत कठोर/भीषण यातना
- وَلَنَجْزِيَنَّهُمْ: और हम अवश्य उन्हें बदला देंगे
- أَسْوَأَ الَّذِي كَانُوا يَعْمَلُونَ: उनके किए हुए सबसे बुरे कर्मों के अनुसार (सबसे बुरा बदला)
विस्तृत तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों के लिए अपनी ओर से सख्त चेतावनी दे रहा है जिन्होंने कुफ्र (इनकार) का रास्ता अपनाया और अल्लाह के रसूलों को झुठलाया। यह वही लोग हैं जिन्होंने क़ुरआन को सुनकर उसका मज़ाक उड़ाया और उसे खारिज कर दिया। अल्लाह फ़रमाता है कि हम अवश्य उन्हें एक ऐसा भीषण अज़ाब (यातना) चखाएँगे जिसकी कल्पना भी वे नहीं कर सकते। यह अज़ाब दुनिया में भी उन्हें मिलेगा—जैसे बद्र के युद्ध में मुशरिकों को मिला—और आख़िरत में तो उनके लिए जहन्नुम की आग है, जो सबसे बड़ा अज़ाब है।
फिर अल्लाह फ़रमाता है: "हम उन्हें उनके सबसे बुरे कर्मों का बदला देंगे।" यानी जो सबसे ज़्यादा गंभीर और बुरे कर्म उन्होंने किए—जैसे शिर्क (अल्लाह के साथ साझीदार बनाना), अल्लाह की आयतों को झुठलाना, रसूलों का मज़ाक उड़ाना, और लोगों को सच्चे रास्ते से रोकना—उन्हीं के अनुसार उन्हें सबसे बुरा बदला दिया जाएगा। यह अल्लाह का पूरा न्याय है कि जैसा कर्म, वैसा ही बदला।
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक गंभीर पैग़ाम है जो अल्लाह के दीन से मुँह मोड़ता है। अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और उसका इन्साफ़ कभी चूकता नहीं। लेकिन साथ ही यह भी याद रखिए कि अल्लाह रहमत वाला भी है—जो कोई अपनी ग़लतियों से तौबा कर ले, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है। यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपने कर्मों की ज़िम्मेदारी लें, और अल्लाह के सामने झुककर उसकी रहमत के भूखे बनें, क्योंकि उसकी रहमत उसके अज़ाब से कहीं बढ़कर है। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह के आगे सर झुकाते हैं, उनके लिए आख़िरत में ऐसी जन्नतें हैं जिनकी कोई आँख ने देखा नहीं, कान ने सुना नहीं, और किसी दिल ने कल्पना भी नहीं की।
📜 आयत 25-29 — सूरा फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 27
सूरा फुस्सिलत आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो हम भी काफ़िरों को सख्त अज़ाब के मज़े चखाएँगे…सूरा आयत 27/54 — सूरा फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फुस्सिलत सुनें, सूरा फुस्सिलत अनुवाद, सूरा फुस्सिलत mp3, सूरा फुस्सिलत pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा फुस्सिलत
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


