Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَا يَسْأَمُ: नहीं ऊबता, नहीं थकता।
- دُعَاءِ الْخَيْرِ: भलाई की प्रार्थना, यानी धन, स्वास्थ्य, संतान आदि की माँग।
- مَسَّهُ الشَّرُّ: उसे कोई कष्ट, गरीबी, बीमारी या तंगी छू जाए।
- فَيَئُوسٌ: तो वह अत्यधिक निराश हो जाता है।
- قَنُوطٌ: रहमत से मायूस होकर भलाई की उम्मीद छोड़ देने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत इंसान की कमज़ोरी और उसकी हालत को बयान करती है। इंसान अपने रब से भलाई माँगते हुए कभी नहीं थकता—चाहे वह धन हो, सेहत हो, औलाद हो या दुनिया की कोई और नेमत। वह लगातार माँगता रहता है, और यह उसकी फ़ितरत है कि वह ख़ैर की तरफ़ बढ़ता रहे। लेकिन जब उसे कोई मुसीबत या तकलीफ़ पहुँचती है—जैसे गरीबी, बीमारी, या कोई दुख—तो वह अल्लाह की रहमत से निराश हो जाता है और उम्मीद खो बैठता है। वह यह भूल जाता है कि जिस अल्लाह ने उसे नेमतें दीं, वही मुसीबत को भी दूर कर सकता है।
यह आयत इंसान की दो कमज़ोरियों को उजागर करती है: एक तरफ वह नेमतों के लिए हमेशा अल्लाह से माँगता रहता है, और दूसरी तरफ मुसीबत आते ही वह अल्लाह की रहमत से मायूस हो जाता है। यह उसके ईमान की कमज़ोरी और अल्लाह पर भरोसे की कमी को दर्शाता है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि हमें हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। जब हमारे पास नेमतें हों तो हमें शुक्र करना चाहिए, और जब मुसीबत आए तो हमें सब्र करना चाहिए और अल्लाह की रहमत से उम्मीद नहीं खोनी चाहिए। अल्लाह की रहमत असीम है, और वह हर मुसीबत को दूर करने की ताकत रखता है। निराशा और मायूसी शैतान का हथियार है, जो इंसान को अल्लाह से दूर करता है। हमें चाहिए कि हम हर हाल में अल्लाह से जुड़े रहें, उसी से माँगें, और उसी की रहमत से उम्मीद रखें। याद रखिए, अल्लाह के करीब रहने वाला कभी निराश नहीं होता, क्योंकि उसे यकीन होता है कि अल्लाह की रहमत हर चीज़ से बड़ी है।
📜 आयत 47-51 — सूरा फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 49
सूरा फुस्सिलत आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इन्सान भलाई की दुआए मांगने से तो कभी उकताता नहीं…सूरा आयत 49/54 — सूरा फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फुस्सिलत सुनें, सूरा फुस्सिलत अनुवाद, सूरा फुस्सिलत mp3, सूरा फुस्सिलत pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा फुस्सिलत
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


