Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَرَاءٌ: बरी, अलग, किसी चीज़ से कोई संबंध न रखने वाला, पूर्ण रूप से मुक्त।
- تَعْبُدُونَ: तुम पूजा करते हो, इबादत करते हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप उस समय को याद कीजिए जब हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने अपने बाप और अपनी क़ौम से कहा था: "मैं उन चीज़ों से बिल्कुल बरी और अलग हूँ जिन्हें तुम पूजते हो।" यह वह ऐतिहासिक घोषणा थी जो तौहीद (एकेश्वरवाद) की नींव पर खड़े हुए एक सच्चे बंदे ने अपने घर और समाज के सामने की।
हज़रत इब्राहीम ने अपने पिता और अपनी क़ौम के सामने साफ़ और दो टूक बात रखी कि मैं तुम्हारे उन माबूदों से बिल्कुल बरी हूँ जिन्हें तुमने खुद बना रखा है। यह कोई साधारण बात नहीं थी, बल्कि यह एक ऐसा ऐलान था जिसने बातिल (असत्य) की नींव हिला दी। उन्होंने यह नहीं कहा कि "मैं तुम्हारी पूजा से अलग हूँ" बल्कि कहा कि "मैं उन चीज़ों से ही बरी हूँ जिन्हें तुम पूजते हो।" यानी उन्होंने न सिर्फ़ शिर्क (बहुदेववाद) को छोड़ा बल्कि उससे पूर्ण रूप से विरक्ति और घृणा का इज़हार किया।
यह आयत हमें सिखाती है कि एक मोमिन का फ़र्ज़ है कि वह बातिल से किसी भी तरह का समझौता न करे। चाहे उसके सामने उसका अपना बाप हो या उसकी पूरी क़ौम, सच्चाई की राह पर चलते हुए उसे हर उस चीज़ से बरी होने का ऐलान करना चाहिए जो अल्लाह के सिवा पूजी जाती है।
यह वही रास्ता है जिस पर चलकर हज़रत इब्राहीम ने दुनिया को यह पैग़ाम दिया कि सच्ची इज़्ज़त और कामयाबी सिर्फ़ अल्लाह की इबादत में है। जब एक इंसान अपने दिल को हर उस चीज़ से पाक कर लेता है जो अल्लाह के सिवा है, तो अल्लाह उसे ऐसी ताक़त और हिम्मत देता है कि वह अकेले भी पूरी दुनिया के मुक़ाबले में डटा रहता है।
आज हमें भी इसी सबक़ पर अमल करने की ज़रूरत है। हमें अपने जीवन में हर उस चीज़ से बरी होना है जो अल्लाह की रज़ा के खिलाफ है — चाहे वह रस्में हों, रिवाज हों, या कोई और चीज़। जब हम सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ़ लौटेंगे और बातिल से कट जाएँगे, तो अल्लाह हमें भी उसी तरह दुनिया और आख़िरत में इज़्ज़त देगा जैसे उसने अपने खलील (दोस्त) हज़रत इब्राहीम को दी।
📜 आयत 24-28 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 26
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और वह वख्त याद करो) जब इब्राहीम ने अपने (मुँह…सूरा आयत 26/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुखरुफ
पवित्र क़ुरआन
Sunday, October 4, 2026
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