अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَطَرَنِي: मुझे पैदा किया, मुझे अस्तित्व दिया, मेरी फ़ितरत बनाई।
- سَيَهْدِينِ: वह मुझे मार्गदर्शन देगा, मुझे सीधा रास्ता दिखाएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम से यह घोषणा की कि मैं उन सबसे बरी (मुक्त) हूँ जिन्हें तुम लोग अल्लाह के सिवा पूजते हो। फिर उन्होंने इसी आयत में यह स्पष्ट कर दिया कि मेरा रिश्ता और मेरी निष्ठा केवल उस एक अल्लाह के साथ है जिसने मुझे पैदा किया, मुझे अस्तित्व दिया और मुझे यह सुंदर फ़ितरत (स्वभाव) अता की। वही मेरा रब है, वही मेरा ख़ालिक़ है, और वही मेरी हर ज़रूरत को पूरा करने वाला है।
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम यहाँ यह बताना चाहते हैं कि जिसने मुझे पैदा किया है, वही मुझे रास्ता भी दिखाएगा। यानी जिसने मुझे बनाया है, वही मेरी रहनुमाई करेगा, मुझे सीधा रास्ता दिखाएगा, और मुझे अपनी इबादत और अपनी रज़ा की तरफ़ ले जाएगा। यह एक बहुत बड़ी घोषणा है कि इंसान की पैदाइश और उसकी हिदायत दोनों एक ही ख़ुदा के हाथ में हैं। जिसने हमें बनाया, वही हमें यह भी बताएगा कि हमें कैसे जीना है, कैसे चलना है, और कैसे उसकी रज़ा हासिल करनी है।
इस आयत में एक बहुत गहरा सबक़ छिपा है — इंसान को अपनी पूरी ज़िंदगी में केवल उसी अल्लाह पर भरोसा करना चाहिए जिसने उसे पैदा किया। जब हमें यह यक़ीन हो जाए कि हमारा रब हमें रास्ता दिखाएगा, तो हमारा दिल हर मुश्किल में सुकून पाता है। हम जानते हैं कि अगर हमने उसकी पकड़ थाम ली, तो वह हमें कभी अकेला नहीं छोड़ेगा। वह हमें हर अंधेरे से निकालकर रौशनी की तरफ़ ले जाएगा।
यही वह प्यारा अक़ीदा है जो हर मुसलमान की ज़िंदगी का आधार है — कि अल्लाह ने हमें बनाया, और अल्लाह ही हमें रास्ता दिखाएगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने दिल को उसी से जोड़ लें, उसी से माँगें, उसी से उम्मीद रखें, और उसी की तरफ़ अपना रुख़ करें। जो इंसान इस हक़ीक़त को समझ ले, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता, क्योंकि उसका रब उसका रहनुमा है।
📜 आयत 25-29 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 27
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर उसकी इबादत करता हूँ, जिसने मुझे पैदा किया तो…सूरा आयत 27/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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