अद-दुखान · 44/59
अनुवाद उच्चारण — अद-दुखान
طَعَامُ الْأَثِيمِ ۝٤٤
Ta`aamul aseem
📖 हिंदी अर्थ
ज़रूर गुनेहगार का खाना होगा

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • طَعَامُ: भोजन, खाना
  • الأَثِيمِ: बहुत अधिक पाप करने वाला, गुनाहगार (यहाँ आशय काफ़िर और मुशरिक से है)

व्याख्या:

यह आयत उस भयानक भोजन का वर्णन कर रही है जो पापियों के लिए तैयार किया गया है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि "ज़क़्क़ूम" का पेड़, जो जहन्नम की जड़ से निकलता है, उसका फल उन लोगों का भोजन होगा जो अत्यधिक पाप करने वाले हैं। यह वे लोग हैं जिन्होंने अल्लाह के साथ कुफ़्र किया, उसके साथ साझीदार ठहराया और उसकी आयतों को झुठलाया।

यह वही ज़क़्क़ूम का पेड़ है जिसका उल्लेख अल्लाह ने कई आयतों में किया है - यह इतना कड़वा और गंदा है कि इसके बारे में सोचना ही लोगों के लिए अजीब लगता है, लेकिन यह वास्तविकता है। पापी लोग इससे खाएँगे और उनका पेट इससे भर जाएगा, फिर वे इसके ऊपर खौलता हुआ पानी पिएँगे, जैसा कि आगे की आयतों में बताया गया है।

इस आयत में सबसे बड़ा पाप शिर्क (अल्लाह के साथ साझीदार ठहराना) है, क्योंकि यही सबसे बड़ा अत्याचार और सबसे बड़ा पाप है। अल्लाह तआला ने कहीं और फ़रमाया: "निस्संदेह शिर्क बहुत बड़ा अत्याचार है" (लुक़मान: 13)।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने जीवन में कैसा मार्ग चुन रहे हैं। अल्लाह तआला ने हमें स्पष्ट रूप से बता दिया है कि पाप और अवज्ञा का परिणाम क्या होगा। लेकिन साथ ही, वही अल्लाह अत्यंत दयालु और क्षमाशील है - उसने तौबा (पश्चाताप) का द्वार खुला रखा है। जो कोई भी अपने पापों से लौट आए और अल्लाह की ओर रुजू करे, अल्लाह उसे क्षमा कर देता है।

यह आयत हमें डराती भी है और सचेत भी करती है। यह हमें बताती है कि अगर हम अल्लाह की आज्ञा का पालन करें और उसकी इबादत करें, तो हमें जन्नत के सुंदर फल और नेमतें मिलेंगी, जिनका कोई अंत नहीं। लेकिन अगर हम उसकी अवज्ञा करें, तो हमें ऐसा भोजन मिलेगा जो हमारे लिए यातना का कारण बनेगा।

आइए हम अपने जीवन को देखें - क्या हम अल्लाह के आज्ञाकारी हैं? क्या हम उसकी इबादत में सच्चे हैं? क्या हम उन चीज़ों से बच रहे हैं जो उसने हमारे लिए हराम की हैं? यह आयत हमें चेतावनी देती है कि आज का हर पाप, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न लगे, कल हमारे लिए पछतावे का कारण बन सकता है। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 42-46 — अद-दुखान

42إِلَّا مَن رَّحِمَ اللَّهُ ۚ إِنَّهُ هُوَ الْعَزِيزُ الرَّحِيمُ
मगर जिन पर ख़ुदा रहम फरमाए बेशक वह (ख़ुदा) सब पर ग़ालिब बड़ा रहम करने वाला है
43إِنَّ شَجَرَتَ الزَّقُّومِ
(आख़ेरत में) थोहड़ का दरख्त
44طَعَامُ الْأَثِيمِ
ज़रूर गुनेहगार का खाना होगा
45كَالْمُهْلِ يَغْلِي فِي الْبُطُونِ
जैसे पिघला हुआ तांबा वह पेटों में इस तरह उबाल खाएगा
46كَغَلْيِ الْحَمِيمِ
जैसे खौलता हुआ पानी उबाल खाता है
अद-दुखानकुरान सूची
59आयत
मक्कीRevelation
44आयत

अनुवाद — अद-दुखान 44

सूरा अद-दुखान आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ज़रूर गुनेहगार का खाना होगा

सूरा आयत 44/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए