अद-दुखान · 43/59
अनुवाद उच्चारण — सूरा अद-दुखान
إِنَّ شَجَرَتَ الزَّقُّومِ ۝٤٣
Inna shajarataz zaqqoom
📖 हिंदी अर्थ
(आख़ेरत में) थोहड़ का दरख्त

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • شَجَرَتَ الزَّقُّومِ (शजरतुज़ ज़क़्क़ूम): ज़क़्क़ूम का पेड़ — यह नरक की एक विशेष कड़वी और भयानक पेड़ है, जिसका नाम ही उसकी तकलीफ़देह हक़ीक़त को बयान करता है। "ज़क़्क़ूम" उस पेड़ को कहते हैं जो बेहद कड़वा और ख़राब हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि बेशक ज़क़्क़ूम का पेड़ (जो नरक की जड़ में उगता है) — यह वह पेड़ है जिसे अल्लाह ने जहन्नम के सबसे निचले हिस्से में पैदा किया है। यह कोई साधारण पेड़ नहीं, बल्कि अल्लाह की क़ुदरत का एक ऐसा अजीब नमूना है जो आग के बीच उगता है और उसका फल गुनाहगारों का खाना बनेगा। यह फल उन लोगों के लिए है जो अपने गुनाहों में डूबे रहे, और सबसे बड़ा गुनाह शिर्क (अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराना) है।

यह आयत उन काफ़िरों और मुशरिकों के लिए एक सख़्त चेतावनी है जो आख़िरत को झुठलाते हैं और दुनिया की ख़्वाहिशों में मग्न रहते हैं। जिस तरह दुनिया में वे आराम और लज़्ज़त के आदी थे, उसी तरह आख़िरत में उन्हें सिर्फ़ ज़क़्क़ूम का कड़वा और जलता हुआ फल खाने को मिलेगा।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि अगर हम अल्लाह की नाफ़रमानी में जीवन बिताएँगे, तो अंजाम क्या होगा? लेकिन अल्लाह रहीम और करीम है — उसने रास्ता खुला रखा है। तौबा का दरवाज़ा अभी बंद नहीं हुआ। आज हम जिस दुनिया में हैं, यही हमारा मौक़ा है कि अल्लाह की तरफ़ पलटें, अपने गुनाहों से तौबा करें और नेक अमल अपनाएँ। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की रहमत की तरफ़ दौड़ते हैं, उनके लिए जन्नत के ऐसे पेड़ हैं जिनके फल कभी ख़त्म नहीं होते और जिनका स्वाद हमेशा बेहतर होता जाता है। यह फ़रक़ हमारे सामने है — आज का फ़ैसला हमारे हाथ में है, कल का नहीं।



📜 आयत 41-45 — सूरा अद-दुखान

41يَوْمَ لَا يُغْنِي مَوْلًى عَن مَّوْلًى شَيْئًا وَلَا هُمْ يُنصَرُونَ
जिस दिन कोई दोस्त किसी दोस्त के कुछ काम न आएगा और न उन की मदद की जाएगी
42إِلَّا مَن رَّحِمَ اللَّهُ ۚ إِنَّهُ هُوَ الْعَزِيزُ الرَّحِيمُ
मगर जिन पर ख़ुदा रहम फरमाए बेशक वह (ख़ुदा) सब पर ग़ालिब बड़ा रहम करने वाला है
43إِنَّ شَجَرَتَ الزَّقُّومِ
(आख़ेरत में) थोहड़ का दरख्त
44طَعَامُ الْأَثِيمِ
ज़रूर गुनेहगार का खाना होगा
45كَالْمُهْلِ يَغْلِي فِي الْبُطُونِ
जैसे पिघला हुआ तांबा वह पेटों में इस तरह उबाल खाएगा
अद-दुखानकुरान सूची
59आयत
मक्कीअवतरण स्थान
43आयत

अनुवाद — अद-दुखान 43

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Saturday, October 3, 2026

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