अनुवाद — Tafsir
यह क़ुरआन, जो हमने आप पर उतारा है, लोगों के लिए दिलों की आँखें खोलने वाला नूर है, जिससे वे सत्य को असत्य से अलग पहचान सकते हैं और सीधे रास्ते की ओर मार्गदर्शन पा सकते हैं। यह उन लोगों के लिए हिदायत और रहमत है जो यक़ीन रखते हैं कि यह अल्लाह की ओर से उतारा गया सच्चा कलाम है।
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह क़ुरआन लोगों के लिए बसीरत (दृष्टि) है, यानी यह उन्हें सच और झूठ में फ़र्क़ करने की क्षमता देता है। यह अंधेरों से निकालकर रोशनी की ओर ले जाता है। जो लोग इस पर विश्वास करते हैं और इसके निर्देशों पर चलते हैं, उनके लिए यह रहमत बन जाता है, क्योंकि यह उन्हें जहन्नम के अज़ाब से बचाकर जन्नत की तरफ ले जाता है।
यह क़ुरआन सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि उस पर अमल करने के लिए उतारा गया है। जो लोग यक़ीन के साथ इस पर अमल करते हैं, अल्लाह उन्हें सीधा रास्ता दिखाता है और उनके दिलों को सुकून अता करता है। यही वह लोग हैं जो दुनिया में भी कामयाब हैं और आख़िरत में भी। अल्लाह तआला ने इस क़ुरआन को हर उस इंसान के लिए रहमत बनाया है जो इसे अपनाए और इसकी तालीमात पर चले।
📜 आयत 18-22 — अल-जासिया
अनुवाद — अल-जासिया 20
सूरा अल-जासिया आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये (क़ुरान) लोगों (की) हिदायत के लिए दलीलो का मजमूआ…सूरा आयत 20/37 — अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जासिया सुनें, अल-जासिया अनुवाद, अल-जासिया mp3, अल-जासिया pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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