Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُبَايِعُونَكَ (युबायिऊनक): आपसे बैअत (निष्ठा की प्रतिज्ञा) कर रहे हैं।
- السَّكِينَةَ (अस-सकीनah): मन की शांति, धैर्य और स्थिरता।
- فَتْحًا قَرِيبًا (फत्हन करीबन): निकट विजय, जो ख़ैबर की विजय थी।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने उन ईमानवालों से अपनी प्रसन्नता का ऐलान किया, जिन्होंने हुदैबियyah के स्थान पर एक पेड़ के नीचे आप ﷺ के हाथ पर बैअत की — यह वही प्रसिद्ध "बैअत-ए-रिज़वान" है। अल्लाह ने उनके दिलों के भेद को जाना — उनका सच्चा ईमान, उनकी वफ़ादारी और उनका पूर्ण समर्पण। उनके दिलों में जो सच्चाई और निष्ठा थी, अल्लाह ने उसे देखा और उन पर अपनी ओर से सकीनah (शांति और स्थिरता) उतारी, ताकि उनके दिल मज़बूत हों और किसी भी परिस्थिति में वे डगमगाएँ नहीं।
फिर अल्लाह ने उन्हें उस चीज़ का बदला दिया जो उस समय उन्हें नहीं मिली थी — मक्कah में प्रवेश का अवसर हुदैबियyah की संधि के कारण स्थगित हो गया था, तो अल्लाह ने उन्हें एक निकट की विजय अता की — वह ख़ैबर की विजय थी। यह उनके धैर्य, सच्चाई और अल्लाह के रसूल ﷺ के प्रति उनके प्रेम का इनाम था। अल्लाह ने उन्हें यह विजय और उसके साथ ढेरों ग़नीमत (धन-संपत्ति) प्रदान की, और यह सब उनके ईमान और वफ़ादारी का फल था।
यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम अल्लाह और उसके रसूल ﷺ के प्रति सच्चे दिल से निष्ठा और समर्पण दिखाते हैं, तो अल्लाह हमें कभी निराश नहीं करता। वह हमारे दिलों की सच्चाई को जानता है और हमें वह इनाम देता है जो हमारी उम्मीद से भी बढ़कर होता है। यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की प्रसन्नता सबसे बड़ी नेमत है — जब अल्लाह किसी बंदे से राज़ी हो जाता है, तो उसे दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई मिलती है।
आज भी जो मुसलमान अपने दिल को ईमान, सच्चाई और अल्लाह के रसूल ﷺ की मुहब्बत से भर लेता है, वह अल्लाह की रहमत और सकीनah का हक़दार बनता है। अल्लाह उसे मुश्किलों में सब्र और सुकून देता है, और उसके लिए ऐसे रास्ते खोलता है जिनका उसे अंदाज़ा भी नहीं होता। यही ईमान की ताक़त है — कि अल्लाह पर भरोसा करो, उसके रसूल ﷺ की बताई राह पर चलो, और देखो कि अल्लाह कैसे तुम्हारे लिए हर मुश्किल से निकलने का रास्ता बनाता है।
📜 आयत 16-20 — सूरा अल-फतह
अनुवाद — अल-फतह 18
सूरा अल-फतह आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस वक्त मोमिनीन तुमसे दरख्त के नीचे (लड़ने मरने) की…सूरा आयत 18/29 — सूरा अल-फतह الفتح (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फतह सुनें, सूरा अल-फतह अनुवाद, सूरा अल-फतह mp3, सूरा अल-फतह pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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