Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مَغَانِمَ: युद्ध में प्राप्त होने वाला धन-सम्पत्ति, ग़नीमत।
- يَأْخُذُونَهَا: वे उसे लेंगे।
- عَزِيزًا: सर्वशक्तिमान, जिसे कोई पराजित न कर सके।
- حَكِيمًا: अत्यंत तत्वदर्शी, जो हर कार्य में पूर्ण ज्ञान और युक्ति से करता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ और उनके साथियों (रज़ियल्लाहु अन्हुम) पर अपनी विशेष कृपा और अनुग्रह का उल्लेख कर रहे हैं। जब आप ﷺ ने हुदैबिया के स्थान पर वृक्ष के नीचे सहाबा से बै'अत (प्रतिज्ञा) ली — जिसे 'बै'अतुर रिज़्वान' कहा जाता है — तो अल्लाह ने उनके दिलों की सच्चाई, ईमान और वफ़ादारी को देखा और उन पर अपनी विशेष रहमत और सकीनत (मन की शांति) उतारी। उन्होंने जो कुछ उस समय त्यागा और सहन किया, अल्लाह ने उसका बदला उन्हें जल्द ही दिया — एक निकट विजय (ख़ैबर की फ़तह) के रूप में, और साथ ही ढेर सारी ग़नीमतें जो उन्होंने यहूदियों के धन से प्राप्त कीं। ख़ैबर अपनी भूमि और धन-सम्पत्ति के लिए प्रसिद्ध था, और अल्लाह ने वह सब अपने प्यारे नबी ﷺ और उनके साथियों को प्रदान किया।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने सच्चे बंदों को कभी निराश नहीं करता। जब बंदा अल्लाह की राह में कुछ क़ुर्बान करता है, तो अल्लाह उसे उससे कहीं बेहतर देता है। अल्लाह 'अज़ीज़' है — वह अपने दुश्मनों पर पूरी तरह ग़ालिब है, और 'हकीम' है — वह हर मामले में अपनी युक्ति और ज्ञान से काम करता है। उसका हर फ़ैसला बेहतरीन होता है, चाहे वह हमें देर से समझ आए या न आए।
इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि अल्लाह पर भरोसा रखें और उसके वादों पर यक़ीन करें। जब हम ईमान और सब्र के साथ अल्लाह की राह में डटे रहते हैं, तो अल्लाह हमें ऐसी सफलताएँ देता है जिनकी हमने कल्पना भी नहीं की होती। यही इस्लाम की शान है — कि अल्लाह अपने बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता, बल्कि उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देता है।
📜 आयत 17-21 — सूरा अल-फतह
अनुवाद — अल-फतह 19
सूरा अल-फतह आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (इसके अलावा) बहुत सी ग़नीमतें (भी) जो उन्होने हासिल…सूरा आयत 19/29 — सूरा अल-फतह الفتح (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फतह सुनें, सूरा अल-फतह अनुवाद, सूरा अल-फतह mp3, सूरा अल-फतह pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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