अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अव्वाब (أَوَّاب): अल्लाह की ओर बार-बार रुजू करने वाला, पापों से तौबा करने वाला।
- हफ़ीज़ (حَفِيظ): हिफ़ाज़त करने वाला, अल्लाह के हुक्मों की पाबंदी करने वाला और अपने गुनाहों को याद रखने वाला ताकि उनसे माफ़ी माँगे।
तफ़सीर:
जब मुत्तक़ी (परहेज़गार) लोग जन्नत में दाखिल होंगे और उसकी नेअमतों को अपनी आँखों से देखेंगे, तो उनसे कहा जाएगा: "यह वही चीज़ है जिसका तुमसे वादा किया गया था।" यह जन्नत और उसकी तमाम नेअमतें उस हर बंदे के लिए हैं जो अव्वाब है, यानी गुनाह करने के बाद बार-बार अल्लाह की तरफ लौटने वाला, तौबा करने वाला, और अपने रब की इबादत में लगा रहने वाला है। और वह हफ़ीज़ है, यानी अल्लाह के हुक्मों की हिफ़ाज़त करने वाला, फ़र्ज़ और नफ़्ल इबादतों की पाबंदी करने वाला, और अपने गुनाहों को याद रखने वाला ताकि उनसे तौबा करता रहे। ऐसा बंदा जो दुनिया में अल्लाह से डरता था और उससे मिलने के लिए तैयार रहता था, उसके लिए यह इनाम है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त कितना करीम और रहीम है। वह अपने बंदों से यह नहीं चाहता कि वे कभी गुनाह न करें, बल्कि वह चाहता है कि जब गुनाह हो जाए तो बंदा तौबा करके उसकी तरफ लौटे। अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा हमेशा खुला है। जो बंदा भी सच्चे दिल से तौबा करता है और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्मों के मुताबिक ढालता है, उसके लिए जन्नत का यह वादा है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है कि हमारा रब हमें बुला रहा है — बस एक क़दम उसकी तरफ बढ़ाइए, वह दौड़कर आपकी तरफ आएगा। तो आइए, हम सब अपनी ज़िंदगी को अव्वाब और हफ़ीज़ बंदों की तरह बनाएँ — गुनाहों से तौबा करें, और अल्लाह के हुक्मों की हिफ़ाज़त करें, ताकि हम भी उस महान इनाम के हक़दार बनें।
📜 आयत 30-34 — काफ
अनुवाद — काफ 32
सूरा काफ आयत 32 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यही तो वह बेहिश्त है जिसका तुममें से हर एक…सूरा आयत 32/45 — काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: काफ सुनें, काफ अनुवाद, काफ mp3, काफ pdf. आयत 30–34. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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