अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अज़-ज़ारियात (الذاريات): वे हवाएँ जो धूल और मिट्टी को उड़ाती हैं।
- ज़रवन (ذروًا): उड़ाना, बिखेरना (धूल को हवा में उड़ाना)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में हवाओं की क़सम खाई है जो धूल और मिट्टी को उड़ाती हैं। यह क़सम इसलिए खाई गई है ताकि उस चीज़ की अहमियत और सच्चाई को साबित किया जाए जिसका ज़िक्र आगे आने वाली आयात में होगा। हवाएँ अल्लाह की क़ुदरत की निशानी हैं — वही हवाएँ जो बादलों को उठाती हैं, पेड़ों को हिलाती हैं, और ज़मीन को ज़िंदा करती हैं। यह क़सम इस बात पर ज़ोर देती है कि जिस तरह हवाएँ धूल को उड़ाकर बिखेर देती हैं, उसी तरह अल्लाह की क़ुदरत से क़यामत का दिन भी आएगा और सब कुछ बदल जाएगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला की हर मख़लूक़ (सृष्टि) में उसकी निशानियाँ हैं। हवाओं का चलना, उनका धूल उड़ाना — यह सब अल्लाह के इशारे से होता है। जब हम इन निशानियों पर ग़ौर करते हैं, तो हमारा ईमान मज़बूत होता है और हमें यक़ीन होता है कि जिस अल्लाह ने यह सब बनाया है, वही हमें दोबारा ज़िंदा करके हिसाब लेने की ताक़त रखता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह की क़समें उसकी अज़ीम शान और उसके वादों की सच्चाई को साबित करती हैं। जब अल्लाह ख़ुद क़सम खाकर किसी चीज़ की तस्दीक़ करता है, तो उसमें कोई शक नहीं रहता। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की बनाई हुई चीज़ों पर ग़ौर करें, उसकी क़ुदरत को पहचानें, और अपनी ज़िंदगी को उसके हुक्मों के मुताबिक़ ढालें। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी। अल्लाह तआला हमें सही समझ और अमल की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 1-3 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 1
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन (हवाओं की क़सम) जो (बादलों को) उड़ा कर तितर…सूरा आयत 1/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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