Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- फ़ाल्ह़ामिलाति – बादल जो (पानी का) बोझ उठाते हैं।
- विक़्रन – भारी बोझ, अर्थात पानी से लदे हुए बादल।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में बादलों की क़सम खाई है जो पानी के भारी बोझ को उठाते हैं। ये वो बादल हैं जो धरती की प्यास बुझाने के लिए पानी से लदे होते हैं और अल्लाह के हुक्म से उसे बरसाते हैं। यह क़सम उस महान शक्ति की ओर इशारा है जो इन बादलों को पैदा करती है, उन्हें उठाती है, और उन्हें जहाँ चाहती है ले जाती है।
यह आयत हमें अल्लाह की कुदरत पर ग़ौर करने की दावत देती है। जिस तरह बादल पानी का भारी बोझ उठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं और फिर उसे रहमत के तौर पर बरसाते हैं, उसी तरह अल्लाह तआला क़यामत के दिन हर आत्मा को उसके अच्छे या बुरे कर्मों का बोझ उठाकर हाज़िर करेगा। यह क़सम इस बात की दलील है कि अल्लाह का वादा सच्चा है और उसका इन्साफ़ ज़रूर आएगा।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि जिस तरह बादल अल्लाह के हुक्म की तामील करते हैं और अपना काम बजा लाते हैं, हमें भी चाहिए कि हम अल्लाह के हुक्मों का पालन करें और अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाएँ। यह हमारे लिए रहमत और हिदायत का ज़रिया है। अल्लाह ने बादलों को रहमत का ज़रिया बनाया है, और यही अल्लाह की रहमत हमें उसकी तरफ़ खींचती है कि हम उसके शुक्रगुज़ार बनें और उसकी इबादत में मशगूल रहें।
याद रखिए, जिस अल्लाह ने बादलों को इतनी आसानी से पानी का भारी बोझ उठाने की ताक़त दी, वही अल्लाह हमारे कर्मों का हिसाब लेने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को नेकियों से भरना चाहिए ताकि उस दिन हमारा पलड़ा भारी हो और हम कामयाबी हासिल करें।
📜 आयत 1-4 — सूरा अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 2
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर (पानी का) बोझ उठाती हैंसूरा आयत 2/60 — सूरा अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ारियात सुनें, सूरा अज़-ज़ारियात अनुवाद, सूरा अज़-ज़ारियात mp3, सूरा अज़-ज़ारियात pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ारियात
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


