अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَعَتَوْا – उन्होंने सरकशी और घमंड किया, अकड़ दिखाई।
- الصَّاعِقَةُ – वह भयानक आज़ाब जो आसमान से आता है, हलाक करने वाली आवाज़ और बिजली का अज़ाब।
- وَهُمْ يَنظُرُونَ – और वे उसे अपनी आँखों से देख रहे थे।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला ने क़ौमे-समूद (समूद की क़ौम) का ज़िक्र किया है, जिन्हें हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम की दावत दी गई थी। उन्होंने अपने रब के हुक्म को ठुकरा दिया और सरकशी व घमंड में चूर होकर उस आदेश को मानने से इनकार कर दिया। उन्हें पहले से आगाह किया गया था कि अज़ाब आने वाला है, और उन्हें तीन दिन की मोहलत दी गई थी। लेकिन उन्होंने अपनी सरकशी और ज़िद पर अड़े रहे।
आख़िरकार अल्लाह का अज़ाब आ पहुँचा — एक भयानक सदमा, एक कड़कती हुई बिजली या आसमानी आज़ाब जिसने उन्हें अपनी लपेट में ले लिया। और यह सब कुछ उनके सामने हुआ, वे स्वयं देख रहे थे कि उनका अंजाम क्या हो रहा है। यह उनके लिए और भी बड़ी रुसवाई और इज़्ज़त की पस्ती का सबब बना — कि अज़ाब उन पर खुली आँखों से आया और उन्हें बचने का कोई मौक़ा न मिला।
इस आयत में हर उस इंसान के लिए बड़ी नसीहत है जो अल्लाह के हुक्म से सरकशी करता है और अपने नबी की दावत को ठुकराता है। याद रखिए, अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। वह मोहलत देता है, मगर जब पकड़ता है, तो कोई नहीं बचा सकता। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने रब के हुक्म के आगे सर झुकाएँ, उसकी इताअत करें और उसके रसूल के बताए रास्ते पर चलें। यही हमारी कामयाबी और बचाव का ज़रिया है। अल्लाह तआला हमें हर उस चीज़ से बचाए जो उसके ग़ज़ब का सबब बनती है। आमीन।
📜 आयत 42-46 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 44
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो उन्होने अपने परवरदिगार के हुक्म से सरकशी की तो…सूरा आयत 44/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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