अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ثَمُودَ (समूद): यह नबी सालिह अलैहिस्सलाम की क़ौम का नाम है।
- تَمَتَّعُوا (तमत्तऊ): आनंद उठाओ, अपनी इच्छाओं को पूरा करो।
- حَتَّىٰ حِينٍ (हत्ता हीन): एक निश्चित समय तक, यानी अपनी मृत्यु के समय तक।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला समूद की क़ौम के हालात से सबक़ लेने की बात बता रहे हैं। समूद वह क़ौम थी जो नबी सालिह अलैहिस्सलाम की उम्मत थी। जब उन्होंने अल्लाह के नबी को झुठलाया और उस चमत्कारिक ऊँटनी को काट डाला जो अल्लाह की तरफ से उनके लिए निशानी के रूप में आई थी, तो अल्लाह ने उन्हें आज़ाब (अज़ाब) की चेतावनी दी। उनसे कहा गया: "अपनी ज़िंदगी का आनंद ले लो, लेकिन यह मोहलत ज़्यादा दिनों की नहीं है — बस तीन दिनों तक।" यह उनके लिए एक आज़माइश और रहमत का आख़िरी मौक़ा था, लेकिन उन्होंने अपनी सरकशी और ज़िद पर अड़े रहना जारी रखा।
जब वे अपनी ख़ुशहाली और आराम में मगन थे, अचानक अल्लाह का अज़ाब आ पहुँचा — एक भयानक चीख़ (सैहा) ने उन्हें आ घेरा और वे सबके सब हलाक हो गए। यह वाक़िया उन लोगों के लिए एक बड़ी निशानी है जो अल्लाह के अज़ाब से डरते हैं और उसकी नाफ़रमानी से बचना चाहते हैं।
दावती पहलू (नसीहत):
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि दुनिया की ज़िंदगी चंद रोज़ की है। अल्लाह जब किसी को मोहलत देता है, तो यह उसकी रहमत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम ग़ाफ़िल हो जाएँ। समूद की क़ौम ने सोचा कि उन्हें जो समय मिला है वह हमेशा रहेगा, लेकिन अज़ाब अचानक आ गया। हमें चाहिए कि हर पल अल्लाह की इताअत में गुज़ारें, अपनी ज़िंदगी को नेकियों से भरें, और अल्लाह की रहमत और मग़फिरत के तलबगार रहें। याद रखें, अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन उसकी रहमत भी बेपनाह है — जो कोई उसकी तरफ रुजू करे, उसे वह कभी निराश नहीं करता।
📜 आयत 41-45 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 43
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और समूद (के हाल) में भी (क़ुदरत की निशानी) है…सूरा आयत 43/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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