Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَمَا اسْتَطَاعُوا مِن قِيَامٍ: वे उठने और खड़े होने की ताक़त न रख सके।
- وَمَا كَانُوا مُنتَصِرِينَ: और वे अपनी रक्षा या बचाव करने वाले न बन सके।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब अल्लाह का अज़ाब (यातना) उन पर आ पहुँचा, तो वे न तो उससे भाग सके और न ही उठकर खड़े होने की शक्ति उनमें बची। वे इस क़दर बेबस और लाचार हो गए कि न उन्हें भागने का कोई रास्ता मिला और न ही अपनी जान बचाने का कोई ज़रिया। अल्लाह की पकड़ से बचने के लिए न उनमें कोई ताक़त थी और न ही कोई मददगार उन्हें बचा सका। यह उन लोगों का हाल था जिन्होंने अल्लाह के रसूलों को झुठलाया और हक़ को क़बूल करने से इनकार किया।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। जब वह किसी ज़ालिम क़ौम को पकड़ता है, तो उसके लिए बचने का कोई रास्ता नहीं होता। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह के हुक्मों का पालन करें, उसके रसूल की बताई हुई राह पर चलें और अपनी ज़िंदगी को गुनाहों से पाक रखें। याद रखें, अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी ओर रुजू करते हैं, तौबा करते हैं और नेक काम करते हैं। अल्लाह हमें उन लोगों में शामिल करे जो उसकी पकड़ से डरते हैं और उसकी रहमत के हक़दार बनते हैं। आमीन।
📜 आयत 43-47 — सूरा अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 45
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर न वह उठने की ताक़त रखते थे और न…सूरा आयत 45/60 — सूरा अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ारियात सुनें, सूरा अज़-ज़ारियात अनुवाद, सूरा अज़-ज़ारियात mp3, सूरा अज़-ज़ारियात pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ारियात
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


