अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَذَٰلِكَ: इसी प्रकार, ऐसे ही।
- مَا أَتَى: नहीं आया।
- الَّذِينَ مِن قَبْلِهِم: उनसे पहले के लोग (पिछली उम्मतें)।
- مِّن رَّسُولٍ: कोई भी रसूल (पैगंबर)।
- إِلَّا قَالُوا: उन्होंने यही कहा।
- سَاحِرٌ: जादूगर।
- مَجْنُونٌ: पागल, दीवाना।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मक्का के काफिरों को दिलासा और नबी ﷺ को सांत्वना देती है। अल्लाह तआला फरमाता है कि ऐ नबी! जिस तरह आपकी कौम (कुरैश) आपको झुठला रही है और आपके बारे में कहती है कि आप जादूगर हैं या पागल हैं, यह कोई नई बात नहीं है। यही हाल पिछली उम्मतों का भी था। जब भी उनके पास कोई रसूल अल्लाह की तरफ से आया, तो उन्होंने उसे झुठलाया और उसके बारे में यही कहा कि वह जादूगर है या पागल है।
यानी यह अल्लाह की सुन्नत (कायदा) रही है कि नबियों को झुठलाया जाता रहा। हर ज़माने में नबी को जादूगर, पागल, शायर या झूठा कहा गया। यह उन लोगों का बहाना था जो सच्चाई को कबूल नहीं करना चाहते थे। जब उनके पास कोई सच्चा रसूल आया, तो उन्होंने उसकी बात को नज़रअंदाज़ करने के लिए यह आरोप लगाए।
इस आयत में अल्लाह तआला नबी ﷺ को तसल्ली देते हुए फरमा रहे हैं कि आप अकेले नहीं हैं, आपसे पहले भी सभी नबियों को इसी तरह की तकलीफों का सामना करना पड़ा। यह नबियों की परीक्षा का तरीका रहा है। लेकिन अंजाम हमेशा नबियों के हक में रहा और झुठलाने वालों का अंजाम बुरा हुआ। जिन लोगों ने रसूलों को झुठलाया, उन पर अल्लाह का अज़ाब आया और वे तबाह हो गए।
इस आयत से हमें सीख मिलती है कि सच्चाई का रास्ता हमेशा कठिन होता है। जो लोग अल्लाह के दीन की तरफ बुलाते हैं, उन्हें तानों और आरोपों का सामना करना पड़ता है। लेकिन हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, क्योंकि अल्लाह अपने नबियों और उनके सच्चे पैरोकारों की मदद करता है। जैसे पिछली उम्मतों में सच्चे नबी आखिरकार कामयाब हुए, वैसे ही हमारे नबी ﷺ और उनकी उम्मत भी कामयाब होगी।
आज भी जब कोई इंसान सच्चाई की तरफ बुलाता है, तो लोग उसे पागल या जादूगर कहते हैं, लेकिन यह कोई नई बात नहीं। यह तो पुरानी रिवायत है। हमें चाहिए कि हम सच्चाई पर डटे रहें और अल्लाह पर भरोसा रखें। अल्लाह का वादा है कि वह अपने दीन की मदद करेगा और सच्चे लोगों को कामयाबी देगा। यह आयत हमें सब्र और सच्चाई पर क़ायम रहने की ताकत देती है।
📜 आयत 50-54 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 52
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसी तरह उनसे पहले लोगों के पास जो पैग़म्बर आता…सूरा आयत 52/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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