Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَزِفَتْ: निकट आ गई, क़रीब आ गई।
- الْآزِفَةُ: निकट आने वाली (यानी क़यामत)।
तफ़सीर:
यह आयत उस महान घटना की ओर संकेत करती है जो निश्चित रूप से घटित होने वाली है—वह है क़यामत। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि क़यामत बहुत निकट आ चुकी है, और उसका वक़्त क़रीब आ गया है। यह कोई दूर की बात नहीं, बल्कि हर गुज़रते पल के साथ वह और क़रीब होती जा रही है।
इस आयत में अल्लाह ने क़यामत को "आज़िफ़ा" (निकट आने वाली) कहा है, क्योंकि हर आने वाली चीज़ भले ही दूर हो, लेकिन अल्लाह की नज़र में वह क़रीब ही है। यह बात मुसलमानों के लिए एक चेतावनी है कि वे इस दुनिया में ग़ाफ़िल न रहें, बल्कि अपने आख़िरत के लिए तैयारी करें।
क़यामत के आने का सही वक़्त सिर्फ़ अल्लाह ही जानता है, कोई और नहीं। न किसी नबी को इसका इल्म है, न किसी फ़रिश्ते को। यह उन ग़ैबी चीज़ों में से है जो अल्लाह ने अपने पास महफ़ूज़ रखी हैं। लेकिन इसका क़रीब आना यानी उसके आसार और निशानियाँ ज़ाहिर हो चुकी हैं, और हर दिन उसका वक़्त और नज़दीक होता जा रहा है।
यह आयत हमें यह सबक़ सिखाती है कि ज़िंदगी की मोहलत बहुत कम है। हमें चाहिए कि हम अपने अमल को सुधारें, तौबा करें, और अल्लाह की इबादत में अपना वक़्त गुज़ारें। क़यामत का डर हमें गुनाहों से रोके और नेक कामों की तरफ़ रग़बत दिलाए। याद रखें, वह दिन ज़रूर आने वाला है, और उस दिन हर शख्स को अपने किए का हिसाब देना होगा।
तो आओ, हम सब मिलकर उस दिन की तैयारी करें, क्योंकि जो लोग उस दिन के लिए तैयारी करते हैं, वही सच्चे कामयाब हैं। अल्लाह हमें अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 55-59 — सूरा अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 57
सूरा अन-नज्म आयत 57 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कयामत क़रीब आ गयीसूरा आयत 57/62 — सूरा अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नज्म सुनें, सूरा अन-नज्म अनुवाद, सूरा अन-नज्म mp3, सूरा अन-नज्म pdf. आयत 55–59. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


