अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- काशिफ़ा: प्रकट करने वाली, हटाने वाली, या उस समय को जानने वाली। यहाँ "काशिफ़ा" का अर्थ है उस घड़ी (क़यामत) को टालने वाला या उसके आने का समय बताने वाला।
तफ़सीर:
यह आयत क़यामत की निकटता का वर्णन कर रही है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि क़यामत बहुत करीब आ चुकी है, और जब वह आ जाएगी, तो उसे टालने या उसके समय को जानने वाला अल्लाह के सिवा कोई नहीं होगा। "काशिफ़ा" का अर्थ है उसे दूर करने वाला या उसके रहस्य को खोलने वाला। यानी जब क़यामत का वक़्त आ जाएगा, तो न कोई उसे रोक सकेगा, न टाल सकेगा, और न ही कोई उसके आने की सूचना दे सकेगा, सिवाय अल्लाह के।
यह आयत हमें यह सिखाती है कि क़यामत का आना अल्लाह के हाथ में है, और उसका समय केवल अल्लाह ही जानता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम हमेशा उस दिन के लिए तैयार रहें, अच्छे कर्म करें, और अल्लाह की इबादत में अपना जीवन बिताएँ। यह हमारे लिए एक चेतावनी है कि हम दुनिया के मोह में न खोएँ, बल्कि आख़िरत की तैयारी करें।
दावती पहलू:
यह आयत हमें याद दिलाती है कि जीवन का असली उद्देश्य अल्लाह की रज़ा प्राप्त करना है। क़यामत का दिन निकट है, और हर व्यक्ति को अपने कर्मों का हिसाब देना होगा। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को सही दिशा में लगाना चाहिए, नेकी अपनानी चाहिए, और अल्लाह की रहमत की उम्मीद रखनी चाहिए। अल्लाह बहुत दयालु है, और जो कोई उसकी ओर रुजू करता है, उसे वह कभी निराश नहीं करता। आइए, हम सब अपने जीवन को सुधारें और अल्लाह की इबादत में समय बिताएँ, ताकि उस दिन हम सुरक्षित रहें।
📜 आयत 56-60 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 58
सूरा अन-नज्म आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा के सिवा उसे कोई टाल नहीं सकतासूरा आयत 58/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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