अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَاكِهَةٌ: फल, मेवे
- نَخْلٌ: खजूर के वृक्ष
- رُمَّانٌ: अनार
व्याख्या:
इन दोनों जन्नतों में तरह-तरह के फल होंगे, जिनकी कोई गिनती नहीं होगी। उन फलों में विशेष रूप से खजूर और अनार का उल्लेख किया गया है। खजूर एक ऐसा फल है जो अरब की धरती पर बहुतायत से पाया जाता था और यह पोषण का उत्कृष्ट स्रोत है। अनार भी एक बेहद स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक फल है। इन दोनों का विशेष उल्लेख इसलिए किया गया ताकि अरब के लोग उन्हें आसानी से समझ सकें, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि जन्नत में केवल यही दो फल होंगे। जन्नत में हर प्रकार के फल होंगे जो आँखों को सुख देंगे और स्वाद में अद्भुत होंगे।
यहाँ अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को उन दो जन्नतों की नेमतों से अवगत करा रहे हैं जो उनके लिए तैयार की गई हैं। यह एक ऐसा प्रतिफल है जो किसी आँख ने नहीं देखा, किसी कान ने नहीं सुना और किसी दिल ने नहीं सोचा। अल्लाह की रहमत और करम का यह समुद्र है जो उसके डरने वालों और उसकी राह में चलने वालों के लिए है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जन्नत की नेमतें सिर्फ खाने-पीने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह अल्लाह की रज़ा और उसकी मुहब्बत का नतीजा हैं। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके हुक्मों पर अमल करते हैं, उनके लिए ऐसी जगह तैयार है जहाँ हर तरह की खुशी और आराम होगा। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम अपने जीवन को अल्लाह की रज़ा के अनुसार ढालें और उसकी रहमत के हक़दार बनें। जन्नत की याद हमें दुनिया की मोहब्बत से बचाती है और आख़िरत की तैयारी की तरफ ले जाती है।
📜 आयत 66-70 — अर-रहमान
अनुवाद — अर-रहमान 68
सूरा अर-रहमान आयत 68 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन दोनों में मेवें हैं खुरमें और अनारसूरा आयत 68/78 — अर-रहमान الرحمن (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रहमान सुनें, अर-रहमान अनुवाद, अर-रहमान mp3, अर-रहमान pdf. आयत 66–70. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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