अर-रहमान · 70/78
अनुवाद उच्चारण — सूरा अर-रहमान
فِيهِنَّ خَيْرَاتٌ حِسَانٌ ۝٧٠
Feehinna khairaatun hisaan
📖 हिंदी अर्थ
उन बाग़ों में ख़ुश ख़ुल्क और ख़ूबसूरत औरतें होंगी

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فِيهِنَّ: इन (चारों जन्नतों) में।
  • خَيْرَاتٌ: अच्छे स्वभाव वाली, पवित्र और उत्तम स्त्रियाँ। यह "خَيِّرَات" (अत्यंत भलाई वाली) का हल्का रूप है।
  • حِسَانٌ: सुंदर चेहरे वाली, खूबसूरत।

तफसीर:

इस आयत में अल्लाह तआला उन चार जन्नतों का वर्णन कर रहे हैं जिनका ज़िक्र पिछली आयात में हुआ। इन जन्नतों में ऐसी औरतें होंगी जो दोनों गुणों से मुत्तसिफ़ होंगी — एक तरफ वे अच्छे स्वभाव और उत्तम आचरण वाली होंगी, यानी उनके अंदर बुराई, ईर्ष्या, ग़ुस्सा या कोई ख़राबी नहीं होगी। वे पूरी तरह पाक और नेक होंगी। दूसरी तरफ वे बेहद खूबसूरत और जमील होंगी, उनके चेहरे ऐसे होंगे जो देखने वालों को खुशी और सुकून दें।

यहाँ "خَيْرَاتٌ" का मतलब है कि वे सिर्फ़ दिखने में ही नहीं, बल्कि अंदर से भी अच्छी होंगी — उनका अख़लाक़, उनकी बातें, उनका व्यवहार सब कुछ बेहतरीन होगा। और "حِسَانٌ" उनके ज़ाहिरी हुस्न (सुंदरता) को बयान करता है। इस तरह अल्लाह ने उनके बातिनी (आंतरिक) और ज़ाहिरी (बाहरी) दोनों पहलुओं को मिलाकर उनकी तारीफ़ की है।

यह अल्लाह का ख़ास इनाम है उन मोमिनों के लिए जो दुनिया में नेक अमल करते हैं। जिस तरह दुनिया में एक अच्छी बीवी इंसान के लिए सुकून का ज़रिया होती है, उसी तरह जन्नत में ये पाक और खूबसूरत औरतें मोमिनों के लिए सबसे बड़ी खुशी और इत्मिनान का सबब होंगी। यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की रहमत और उसके इनाम की कोई इंतिहा नहीं है — जो लोग उसकी राह पर चलते हैं, उनके लिए उसने ऐसी चीज़ें तैयार की हैं जिनका कोई अनुमान नहीं लगा सकता।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपनी ज़िंदगी में नेकी और अच्छे अख़लाक़ को अपनाना चाहिए, क्योंकि अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए ऐसी जगह तैयार की है जहाँ हर चीज़ कमाल की होगी — न कोई कमी, न कोई बुराई। यह हमारे रब की तरफ से एक प्यारा वादा है, और जो लोग इस वादे पर यक़ीन करके अमल करेंगे, वे कभी नाकाम नहीं होंगे। अल्लाह हमें जन्नत की इन नेमतों का हक़दार बनाए। आमीन।



📜 आयत 68-72 — सूरा अर-रहमान

68فِيهِمَا فَاكِهَةٌ وَنَخْلٌ وَرُمَّانٌ
उन दोनों में मेवें हैं खुरमें और अनार
69فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने मालिक की किन किन नेअमतों को झुठलाओगे
70فِيهِنَّ خَيْرَاتٌ حِسَانٌ
उन बाग़ों में ख़ुश ख़ुल्क और ख़ूबसूरत औरतें होंगी
71فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने मालिक की किन किन नेअमतों को झुठलाओगे
72حُورٌ مَّقْصُورَاتٌ فِي الْخِيَامِ
वह हूरें हैं जो ख़ेमों में छुपी बैठी हैं
अर-रहमानकुरान सूची
78आयत
मदनीअवतरण स्थान
70आयत

अनुवाद — अर-रहमान 70

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Thursday, October 1, 2026

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