अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آلاء: नेमतें, अनगिनत उपकार और एहसान।
- رَبّكُمَا: तुम दोनों का रब (पालनहार) — यहाँ जिन्न और इंसान दोनों को सम्बोधित किया गया है।
- تُكَذِّبَان: तुम दोनों झुठलाते हो / इनकार करते हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में जिन्न और इंसान — इन दोनों समुदायों को सम्बोधित करते हुए पूछ रहे हैं: "तो फिर तुम दोनों अपने रब की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?"
यह प्रश्न एक अद्भुत अंदाज़ में किया गया है — यह कोई साधारण सवाल नहीं, बल्कि एक ऐसा सवाल है जो इंसान और जिन्न दोनों के ज़मीर को झकझोर देता है। अल्लाह ने अपनी बेइंतिहा रहमत से हमें जो अनगिनत नेमतें दी हैं — ज़िन्दगी, स्वास्थ्य, आँखें, कान, दिल, ज़मीन, आसमान, सूरज, चाँद, पानी, हवा, रिज़्क़, और सबसे बड़ी नेमत — ईमान और हिदायत — इन सबके बावजूद क्या हम इन्हें झुठलाने की जुर्रत करें?
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि जिस रब ने हमें ये सब कुछ दिया है, उसकी नेमतों का इनकार करना कितनी बड़ी नाइंसाफ़ी है। जब हम अपने चारों ओर देखते हैं — फलों के पेड़, बहते पानी के सोते, हरी-भरी वादियाँ, समुद्र की गहराइयाँ, पहाड़ों की बुलंदियाँ — तो हर तरफ़ अल्लाह की रहमत के नज़ारे हैं।
यह प्रश्न हमें शर्मिन्दा करता है और हमारे दिलों में अल्लाह की मोहब्बत और शुक्रगुज़ारी का जज़्बा पैदा करता है। जब हम अपनी हर साँस में, हर धड़कन में अल्लाह की नेमत देखते हैं, तो हमारी ज़ुबान से बस यही निकलता है: "हाँ, हमारे रब! हम तेरी नेमतों को नहीं झुठलाते, बल्कि हम तेरा शुक्र अदा करते हैं।"
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नेमतों की क़द्र करनी चाहिए और उनका सही इस्तेमाल करना चाहिए। जो व्यक्ति अल्लाह की नेमतों को पहचानता है और उन पर शुक्र करता है, अल्लाह उसे और नेमतें देता है। यही शुक्र हमें जन्नत की उन नेमतों तक पहुँचाता है जिनका कोई अंत नहीं।
इसलिए, हर मुसलमान को चाहिए कि वह अल्लाह की नेमतों को गिनता रहे, उन पर शुक्र करता रहे, और कभी भी अपनी ज़ुबान से अल्लाह की नेमतों का इनकार न करे। यही ईमान की निशानी है और यही हमें अल्लाह की रहमत के और करीब लाता है।
📜 आयत 75-78 — अर-रहमान
अनुवाद — अर-रहमान 77
सूरा अर-रहमान आयत 77 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर तुम अपने परवरदिगार की किन किन नेअमतों से इन्कार…सूरा आयत 77/78 — अर-रहमान الرحمن (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रहमान सुनें, अर-रहमान अनुवाद, अर-रहमान mp3, अर-रहमान pdf. आयत 75–78. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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