Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُظَاهِرُونَ مِن نِّسَائِهِمْ: अपनी पत्नियों को माँ कहकर उन पर हराम कर लेना (ज़िहार करना)।
- ثُمَّ يَعُودُونَ لِمَا قَالُوا: फिर अपने उस कथन से पलटकर पत्नी से संभोग का इरादा करना।
- فَتَحْرِيرُ رَقَبَةٍ: एक गर्दन (ग़ुलाम या लौंडी) को आज़ाद करना।
- يَتَمَاسَّا: एक-दूसरे को छूना, यानी संभोग करना।
- تُوعَظُونَ بِهِ: इसके द्वारा तुम्हें नसीहत दी जाती है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में है जो ज़िहार करते हैं, यानी अपनी पत्नी को "माँ" कहकर उसे अपने ऊपर हराम कर लेते हैं। यह जाहिलियत का एक बुरा रिवाज था, जिसे इस्लाम ने सख्ती से मना किया। जब कोई व्यक्ति यह घृणित बात कह देता है, फिर पछताकर अपनी पत्नी के पास लौटना चाहता है और उससे संभोग का इरादा रखता है, तो उस पर यह कफ़्फ़ारा (प्रायश्चित) अनिवार्य है कि वह संभोग से पहले एक ग़ुलाम या लौंडी को आज़ाद करे। यह कफ़्फ़ारा इसलिए लगाया गया ताकि इंसान अपनी ज़ुबान से निकली बुरी बात की गंभीरता को समझे और भविष्य में ऐसी गलती न करे।
यह आदेश अल्लाह की ओर से एक सख्त नसीहत है, ताकि तुम लोग ज़िहार जैसे झूठ और बुरे काम से बचो। अल्लाह तआला हर उस चीज़ से पूरी तरह वाक़िफ है जो तुम करते हो, चाहे वह छिपी हो या खुली। वह तुम्हारे अच्छे और बुरे हर अमल का हिसाब लेगा और उसका बदला देगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम ने औरतों की इज़्ज़त और उनके अधिकारों की कितनी बड़ी हिफाज़त की है। ज़िहार जैसी बुरी बात को इस्लाम ने मिटाकर उसकी सज़ा भी ऐसी रखी जो इंसान के दिल को नरम करे और उसे अल्लाह की तरफ लौटाए। ग़ुलाम आज़ाद करने का हुक्म देकर इस्लाम ने इंसानियत की भलाई का रास्ता दिखाया। हमें चाहिए कि अपनी ज़ुबान की हिफाज़त करें, क्योंकि एक बुरा शब्द इंसान को अल्लाह के गज़ब का हक़दार बना सकता है। अल्लाह हमें अपनी पत्नियों के साथ अच्छे अख़लाक़ और मुहब्बत से पेश आने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 1-5 — सूरा अल-मुजादिला
अनुवाद — अल-मुजादिला 3
सूरा अल-मुजादिला आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग अपनी बीवियों से ज़हार कर बैठे फिर…सूरा आयत 3/22 — सूरा अल-मुजादिला المجادلة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुजादिला सुनें, सूरा अल-मुजादिला अनुवाद, सूरा अल-मुजादिला mp3, सूरा अल-मुजादिला pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुजादिला
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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