अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْحَمْدُ لِلَّهِ: सभी प्रकार की प्रशंसा और स्तुति अकेले अल्लाह के लिए है।
- خَلَقَ: पैदा किया, रचना की।
- السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ: आकाशों (आसमानों) और धरती को।
- جَعَلَ: बनाया, पैदा किया।
- الظُّلُمَاتِ وَالنُّورَ: अंधेरों और प्रकाश को (अर्थात् रात और दिन को)।
- يَعْدِلُونَ: बराबर ठहराते हैं, समानता देते हैं (अर्थात् दूसरों को अल्लाह के बराबर मानते हैं)।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत सूरह अल-अनआम की शुरुआत है, जिसमें अल्लाह तआला अपनी हम्द (प्रशंसा) से आरंभ करता है। अल्लाह की हम्द का अर्थ है उसकी सभी अच्छाइयों, गुणों और नेमतों का वर्णन करना, और यह हम्द केवल उसी के लिए है, क्योंकि वही सृष्टि का रचयिता है। उसने आकाशों और धरती को बिना किसी पूर्व नमूने के पैदा किया, और उनमें मौजूद हर चीज़ को रचा। उसने अंधेरों और प्रकाश को बनाया—अर्थात् रात और दिन को एक-दूसरे के पीछे आने-जाने का नियम बनाया, जिससे रात में अंधेरा छा जाता है और दिन में उजाला हो जाता है। यह सृष्टि की महानता और अल्लाह की कुदरत (शक्ति) का स्पष्ट प्रमाण है।
इसके बाद अल्लाह तआला फरमाता है कि इतने स्पष्ट प्रमाणों के बावजूद, कुछ लोग (काफ़िर) अपने रब के साथ दूसरों को बराबर ठहराते हैं। वे मूर्तियों, पत्थरों या अन्य चीज़ों को अल्लाह का शरीक (साझीदार) बना लेते हैं, जबकि सृष्टि का कोई भी कार्य उनके बस में नहीं है। यह उनकी अज्ञानता और अंधेपन की पराकाष्ठा है कि जिसने यह सब कुछ बनाया, उसके साथ किसी और को समानता दी जाए।
फ़ायदे (लाभ):
- अल्लाह की हम्द और शुक्र: यह आयत हमें सिखाती है कि हर अच्छाई और नेमत के लिए अल्लाह की प्रशंसा करनी चाहिए, क्योंकि वही सब कुछ देने वाला है। हमें अपनी ज़िंदगी के हर पल में अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए।
- सृष्टि में अल्लाह की कुदरत की निशानियाँ: आकाश और धरती, रात और दिन का बदलना—ये सब अल्लाह की महानता की निशानियाँ हैं। इन पर ग़ौर करने से इंसान का ईमान मज़बूत होता है और वह अल्लाह की तरफ़ रुजू करता है।
- शिर्क से बचाव: यह आयत शिर्क (अल्लाह के साथ किसी को साझीदार बनाने) की बुराई को स्पष्ट करती है। हमें चाहिए कि हम केवल अल्लाह की इबादत करें और उसके साथ किसी को भी शरीक न ठहराएँ।
- क़ुरआन का पैग़ाम: यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन का मूल संदेश तौहीद (एकेश्वरवाद) है—अल्लाह को अकेला मानना और उसी की इबादत करना। यही सच्चा मार्ग है जो इंसान को दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देता है।
📜 आयत 1-3 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 1
सूरा अल-अनआम आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : सब तारीफ ख़ुदा ही को (सज़ावार) है जिसने बहुतेरे आसमान…सूरा आयत 1/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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