अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- सीरू = चलो, सफ़र करो
- फ़िल-अर्ज़ = धरती में
- आक़िबत = अंजाम, परिणाम
- अल-मुकज़्ज़िबीन = झुठलाने वाले, जिन्होंने अल्लाह के रसूलों को नकारा
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुक़र्रिबीन (झुठलाने वालों) और मज़ाक उड़ाने वालों से कहिए कि ज़मीन पर चलो-फिरो और फिर ग़ौर से देखो कि उन लोगों का अंजाम क्या हुआ जिन्होंने अल्लाह के रसूलों को झुठलाया था। वे लोग जो अपनी ताक़त, माल और ऐशो-आराम पर इतराते थे, जिन्होंने हक़ को नकारा और नबियों का मज़ाक उड़ाया — देखो कि अल्लाह ने उनके साथ क्या किया! उन्हें ज़िल्लत, बर्बादी और हलाकत में डाल दिया। उनके महल उजड़ गए, उनकी सल्तनतें तबाह हो गईं और उनके नाम तक मिट गए।
यह आयत हमें सोचने की दावत देती है कि इतिहास के पन्नों को पलटकर देखें — आद, समूद, फ़िरऔन और नूह की क़ौम का क्या हुआ? ये सब ताक़तवर थे, लेकिन जब उन्होंने हक़ को झुठलाया, तो अल्लाह का अज़ाब आया और उन्हें जड़ से उखाड़ दिया।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि हम उन लोगों के अंजाम से सबक़ लें जिन्होंने अल्लाह के दीन को नकारा। यह सिर्फ़ एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक प्यार भरा इशारा है कि ऐ इंसान! तू अपनी आँखें खोल, इतिहास से सीख, और उस रास्ते पर चल जो अल्लाह ने दिखाया है। क्योंकि अल्लाह की रहमत उनके लिए है जो उसकी तरफ़ लौट आएं, और उसका अज़ाब उनके लिए है जो हक़ के सामने सर झुकाने से इनकार करें।
याद रखो, यह दुनिया किसी के लिए हमेशा नहीं रही। जो लोग आज हक़ का मज़ाक उड़ाते हैं, कल उनका अंजाम भी वही होगा जो पहले झुठलाने वालों का हुआ। लेकिन जो लोग अल्लाह की तरफ़ लौट आएं, उनके लिए जन्नत की ख़ुशख़बरी है — जहाँ हमेशा की ज़िंदगी है, जहाँ कोई ग़म नहीं, कोई डर नहीं। तो आओ, हम सब इस नसीहत को दिल से अपनाएं और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएं।
📜 आयत 9-13 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 11
सूरा अल-अनआम आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल उनसे) कहो कि ज़रुर रुए ज़मीन पर चल…सूरा आयत 11/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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