अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- ظَاهِرَ الْإِثْمِ: खुलेआम किए जाने वाले पाप।
- بَاطِنَهُ: छिपे हुए पाप, जो गुप्त रूप से किए जाएँ।
- يَكْسِبُونَ: कमाते हैं, अर्जित करते हैं।
- يَقْتَرِفُونَ: करते हैं, कमाते हैं (बुरे कर्म)।
तफसीर:
अल्लाह तआला इस आयत में अपने बंदों को साफ़ और स्पष्ट आदेश देता है कि वे हर प्रकार के पाप को छोड़ दें—चाहे वह खुलेआम किया जाए या छिपकर। इसका अर्थ यह है कि मुसलमान को चाहिए कि वह न केवल सार्वजनिक रूप से गुनाहों से बचे, बल्कि अपने दिल और नीयत को भी पाक रखे, क्योंकि अल्लाह को वह सब कुछ दिखाई देता है जो ज़ाहिर है और जो बातिन (छिपा हुआ) है।
इस आयत में दो प्रकार के पापों का उल्लेख है: एक वे जो लोगों के सामने किए जाते हैं (जैसे चोरी, झूठ, बदसूरत हरकतें), और दूसरे वे जो गुप्त रूप से किए जाते हैं (जैसे बुरी नज़र, दिल में किसी के प्रति बुराई की भावना, छिपकर की जाने वाली बुराइयाँ)। अल्लाह फरमाता है कि इन दोनों प्रकार के पापों से बचना ज़रूरी है।
फिर अल्लाह ने चेतावनी दी कि जो लोग इन पापों को कमाते हैं—चाहे वे खुले हों या छिपे—उन्हें उनके किए का पूरा बदला दिया जाएगा। यह बदला आख़िरत में अवश्य मिलेगा, भले ही दुनिया में देर से मिले। अल्लाह न्यायपूर्ण है और उसका हर फैसला सटीक है।
फ़ायदे:
- यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम सिर्फ़ बाहरी अमल की पाकीज़गी नहीं चाहता, बल्कि अंदरूनी सफ़ाई भी चाहता है। एक सच्चा मुसलमान वही है जो खुले और छिपे दोनों हालात में अल्लाह से डरता है।
- इससे हमें यह समझ मिलती है कि अल्लाह की निगरानी हर समय हम पर है—चाहे हम अकेले हों या लोगों के बीच। यह एहसास हमें गुनाहों से दूर रखता है और हमारे दिल में अल्लाह का खौफ़ पैदा करता है।
- यह आयत हमें आशा भी देती है कि अल्लाह का इंसाफ़ बिल्कुल सटीक है—हर अच्छे और बुरे कर्म का हिसाब होगा, इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को अच्छे कर्मों से भरना चाहिए।
- इससे यह भी पता चलता है कि पाप छिपाकर करने से अल्लाह से नहीं छिपाया जा सकता, इसलिए बेहतर है कि हम दिल और ज़ुबान दोनों को पाक रखें और अल्लाह की रहमत के तलबगार बनें।
📜 आयत 118-122 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 120
सूरा अल-अनआम आयत 120 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ लोगों) ज़ाहिरी और बातिनी गुनाह (दोनों) को (बिल्कुल) छोड़…सूरा आयत 120/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 118–122. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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