Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كُذِّبَتْ – झुठलाया गया
- فَصَبَرُوا – तो उन्होंने धैर्य रखा
- أُوذُوا – उन्हें सताया गया / तकलीफ़ दी गई
- نَصْرُنَا – हमारी मदद / विजय
- لَا مُبَدِّلَ لِكَلِمَاتِ اللَّهِ – अल्लाह की बातों (वादों) को बदलने वाला कोई नहीं
- نَبَإِ الْمُرْسَلِينَ – पैग़म्बरों की ख़बरें / इतिहास
विस्तृत तफ़सीर:
ऐ नबी! आप यह न समझें कि आपको झुठलाना कोई नई बात है। आपसे पहले भी अल्लाह के कई रसूलों को उनकी क़ौमों ने झुठलाया और उन्हें तरह-तरह की तकलीफ़ें दीं। मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी, न ही वे अपने मिशन से डगमगाए। उन्होंने धैर्य और सब्र का दामन थामे रखा, अपनी दावत और जिहाद पर डटे रहे, यहाँ तक कि अल्लाह की मदद उनके पास आ पहुँची।
याद रखें, अल्लाह का वादा अटल है। उसने अपने रसूलों को विजय और सफलता का जो वादा दिया है, उसे कोई बदल नहीं सकता। अल्लाह की बातें और उसके फ़ैसले कभी नहीं बदलते। इसलिए आप भी निराश न हों, क्योंकि अल्लाह की मदद ज़रूर आएगी, चाहे देर हो।
और देखिए, अल्लाह ने आपको पिछले रसूलों की पूरी दास्तान से अवगत करा दिया है—कैसे उन्होंने सब्र किया, कैसे उन्हें सताया गया, और कैसे अल्लाह ने उन्हें विजय दी और उनके झुठलाने वालों को सज़ा दी। यह आपके लिए एक नमूना और सबक़ है।
दावत और नसीहत:
इस आयत में हमारे लिए भी बड़ी सीख है। जब हमारे साथ भी अच्छे कामों पर मुश्किलें आएँ, जब हमें झुठलाया जाए या तकलीफ़ दी जाए, तो हमें पैग़म्बरों के रास्ते पर चलना चाहिए—सब्र करना चाहिए, हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। अल्लाह का वादा है कि वह अपने नेक बंदों की मदद करता है। जो लोग अल्लाह की राह में सब्र करते हैं, उनके लिए अल्लाह की तरफ़ से फ़तह और कामयाबी ज़रूर आती है। यही ईमान की निशानी है कि इंसान मुश्किलों में भी अल्लाह पर भरोसा रखे और उसकी मदद का यक़ीन रखे।
याद रखिए, अल्लाह का हर वादा सच्चा है। जो लोग उसके रास्ते पर चलते हैं, उन्हें कभी निराश नहीं होना चाहिए। पैग़म्बरों की सीरत हमारे लिए रोशनी है, और उनका सब्र हमारे लिए मिसाल है।
📜 आयत 32-36 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 34
सूरा अल-अनआम आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (कुछ तुम ही पर नहीं) तुमसे पहले भी बहुतेरे…सूरा आयत 34/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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