Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
### معاني الكلمات
- بِالْحَقِّ: अर्थात सत्य और उचित प्रयोजन के साथ, बिना किसी व्यर्थता के।
- كُن فَيَكُونُ: अर्थात जब वह किसी चीज़ के होने का आदेश देता है, तो वह तुरंत हो जाती है।
- الصُّورِ: वह सींग (नरसिंगा) जिसमें इसराफील (अलैहिस्सलाम) फूँक मारेंगे।
- الْغَيْبِ: वह सब कुछ जो इंद्रियों से छिपा हो।
- الشَّهَادَةِ: वह सब कुछ जो प्रत्यक्ष और देखा जा सके।
### تفسير الآية
यह अल्लाह ही है जिसने आकाशों और धरती को सत्य के साथ पैदा किया—यानी यह सृष्टि किसी खेल या व्यर्थता के लिए नहीं, बल्कि एक गंभीर उद्देश्य और योजना के तहत बनाई गई है। फिर अल्लाह उस दिन की याद दिलाता है जब वह कहेगा "हो जा", तो सब कुछ उसी क्षण हो जाएगा। उसका कथन पूर्ण सत्य है, उसमें कोई झूठ या विलंब नहीं। क़ियामत के दिन जब सींग (सूर) में फूँक मारी जाएगी, तो सारा राज्य केवल उसी का होगा—किसी राजा, शासक या ताकतवर का कोई अधिकार नहीं रहेगा। वही अल्लाह छिपे और खुले सब कुछ जानता है; उससे कोई भी बात, चाहे वह दिल में हो या बाहर, छिपी नहीं है। वह हिकमत वाला है—हर काम को उचित स्थान पर रखता है—और ख़बर रखने वाला है, जिसे हर चीज़ की पूरी जानकारी है, बाहरी और भीतरी दोनों।
### फ़ायदे (उपदेश)
- सृष्टि का उद्देश्य: यह आयत हमें सिखाती है कि यह दुनिया बेमक़सद नहीं बनाई गई; हर चीज़ में अल्लाह की हिकमत है। इससे इंसान को अपनी ज़िंदगी का मक़सद समझना चाहिए और अल्लाह की इबादत में लग जाना चाहिए।
- अल्लाह की क़ुदरत पर भरोसा: जब अल्लाह किसी चीज़ के लिए "हो जा" कहता है, तो वह तुरंत हो जाती है। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह के लिए कुछ भी मुश्किल नहीं, इसलिए हमें हर मुसीबत में उसी से उम्मीद रखनी चाहिए।
- क़ियामत की याद: जिस दिन सूर में फूँक मारी जाएगी, सारी बादशाहत अल्लाह के सिवा किसी की नहीं होगी। यह हमें दुनिया के झूठे दंभ और घमंड से बचाता है और आख़िरत की तैयारी की प्रेरणा देता है।
- अल्लाह का इल्म: अल्लाह छिपे और खुले सब कुछ जानता है। यह विश्वास इंसान को अच्छे कामों पर स्थिर रखता है और बुरे कामों से रोकता है, क्योंकि वह जानता है कि अल्लाह सब देख रहा है।
- हिकमत और ख़बरदारी: अल्लाह हर काम हिकमत से करता है और उसे हर चीज़ की ख़बर है। इससे इंसान को अपने जीवन के हर फ़ैसले में अल्लाह की मरज़ी तलाश करनी चाहिए और उसके दीन की ओर रुजू करना चाहिए।
📜 आयत 71-75 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 73
सूरा अल-अनआम आयत 73 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसका क़ौल सच्चा है और जिस दिन सूर फूंका जाएगा…सूरा आयत 73/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 71–75. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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