Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَوْلَا: क्यों नहीं / क्यों नहीं उतारा गया
- أُنزِلَ عَلَيْهِ: उस (मुहम्मद ﷺ) पर उतारा जाता
- مَلَكٌ: कोई फ़रिश्ता
- لَقُضِيَ الْأَمْرُ: मामला तय कर दिया जाता (अर्थात अज़ाब आ जाता)
- لَا يُنظَرُونَ: उन्हें मोहलत न दी जाती
तफ़सीर:
मक्का के मुशरिकीन, जो हठ और ज़िद पर अड़े हुए थे, उन्होंने नबी करीम ﷺ से कहा कि "इस आदमी (मुहम्मद ﷺ) पर फ़रिश्ता क्यों नहीं उतारा गया?" उनका मतलब यह था कि अगर यह सच में रसूल है, तो उनके साथ एक फ़रिश्ता भी क्यों नहीं आता जो उनकी नबुव्वत की गवाही दे और हमसे बात करे। वे यह समझना नहीं चाहते थे कि रसूल का काम सिर्फ़ पैग़ाम पहुँचाना है, और फ़रिश्तों का उतरना उनकी ज़िद और सरकशी की वजह से अज़ाब का सबब बन जाता।
अल्लाह तआला ने उनकी इस बात का जवाब दिया कि अगर हम उनकी इस फ़रमाइश के मुताबिक़ कोई फ़रिश्ता उतार देते, तो मामला ख़त्म हो जाता — यानी जब वे फिर भी ईमान नहीं लाते, तो अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) के मुताबिक़ उन पर अज़ाब नाज़िल हो जाता, और फिर उन्हें तौबा करने की कोई मोहलत न दी जाती। यह अल्लाह का स्थायी नियम है कि जब काफ़िर लोग अपनी ज़िद में माँग करते हैं और वह माँग पूरी कर दी जाती है, फिर भी वे ईमान नहीं लाते, तो उनका विनाश तय हो जाता है।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि अल्लाह की रहमत और मोहलत का फ़ायदा उठाना चाहिए। अल्लाह ने हमें दुनिया में ज़िंदगी दी है, रसूल भेजे हैं, किताबें उतारी हैं — यह सब उसकी रहमत है। हमें चाहिए कि जल्दी से जल्दी ईमान लाएँ और अच्छे काम करें, क्योंकि अज़ाब आने के बाद कोई मोहलत नहीं मिलती। अल्लाह की रहमत के दरवाज़े खुले हैं, लेकिन यह दरवाज़े हमेशा खुले नहीं रहेंगे। जो लोग आज नबी ﷺ की बात मानने से इनकार कर रहे थे, उनके लिए यह बड़ी नादानी थी कि वे अपनी ही हलाकत का सामान कर रहे थे। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के रसूल ﷺ पर ईमान लाएँ, उनकी सुन्नत पर चलें, और अल्लाह की रहमत और मग़फ़िरत के हक़दार बनें। यही कामयाबी का रास्ता है, और यही वह चीज़ है जो हमें जहन्नुम के अज़ाब से बचाकर जन्नत की तरफ़ ले जाती है।
📜 आयत 6-10 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 8
सूरा अल-अनआम आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ये भी) कहते कि उस (नबी) पर कोई फरिश्ता…सूरा आयत 8/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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